Ashoknagar News: चंदेरी में पुराने कुएं में डूबे 4 सगे भाई, एक को बचाने उतरे थे तीनों

अशोकनगर। मध्य प्रदेश के अशोकनगर जिले के चंदेरी क्षेत्र में सोमवार को दर्दनाक हादसे में चार सगे भाइयों की मौत हो गई। विक्रमपुर गांव में खेत में खेलने गए चारों बच्चे बिना मुंडेर वाले पुराने कुएं में डूब गए। बताया जा रहा है कि पहले एक बच्चा कुएं में गिरा, जिसे बचाने की कोशिश में उसके तीनों भाई भी फिसलकर कुएं में जा गिरे।
हादसे की जानकारी काफी देर तक किसी को नहीं लगी। दोपहर में जब बच्चे घर नहीं लौटे तो परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। खेत में पहुंचने पर पुराने कुएं में एक बच्चे का शव दिखाई दिया। उसे बाहर निकालने के बाद कुएं में तीन और बच्चों के शव मिले। मृत बच्चों की पहचान देव, त्रिवेद, महादेव और प्रियांशु के रूप में हुई है।
खेत के बराबर बना था पुराना कुआं
जानकारी के मुताबिक, यह पुराना कुआं बलवीर कुशवाह के खेत में है। कुएं में करीब 5 से 6 फीट पानी बताया जा रहा है। कुएं पर सुरक्षा के लिए मुंडेर नहीं बनी थी।
बताया गया कि कुआं खेत की जमीन के लगभग बराबर था। इस वजह से दूर से देखने पर भी वह आसानी से कुएं जैसा दिखाई नहीं देता था। इसी कारण बच्चों के वहां पहुंचने के दौरान हादसा होने की बात सामने आई है।
एक भाई को बचाने की कोशिश में तीन और डूबे
बताया जा रहा है कि चारों भाई खेत में खेलने के लिए गए थे। इसी दौरान एक बच्चा पुराने कुएं में गिर गया। उसे बचाने की कोशिश में उसके तीनों भाई भी कुएं में उतरने या उसके पास पहुंचने के दौरान फिसलकर अंदर गिर गए।
सुनसान जगह होने के कारण हादसे के समय आसपास कोई मौजूद नहीं था। काफी देर तक बच्चों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उन्हें तलाशना शुरू किया।
हादसे के समय पिता मजदूरी पर गए थे
बताया गया कि बच्चों के पिता मजदूरी करने के लिए घर से बाहर गए थे। वहीं उनकी मां रिश्तेदार के निधन के कारण मायके गई थीं। घर पर चारों बच्चे थे।
जब बच्चे काफी देर तक वापस नहीं लौटे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। खेत में पहुंचने पर कुएं में शव मिलने के बाद घटना की जानकारी हुई।
पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची
हादसे की सूचना मिलने के बाद तहसीलदार दिलीप दरोगा और थाना प्रभारी प्रशांत यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। चारों बच्चों के शवों को चंदेरी सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई।
एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना के बाद बिना मुंडेर वाले खुले कुओं और खेतों में मौजूद ऐसे जलस्रोतों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

