21वीं सदी में इथेनॉल ब्लेंडिंग भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता-PM मोदी


    नई दिल्ली


 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक कार्यक्रम को संबोधित किया उन्होंने इथेनॉल ब्लेंडिंग को लेकर 2025 तक का रोडमैप जारी किया. उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में इथेनॉल ब्लेंडिंग भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता है और 2025 तक 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग वाला पेट्रोल बेचने का लक्ष्य तय किया गया है. पहले ये लक्ष्य 2030 का था, जिसे घटाकर 2025 कर दिया गया है. इस मौके पर पीएम मोदी ने पुणे में तीन जगहों पर इथेनॉल के उत्पादन और वितरण से जुड़े E100 पायलट प्रोजेक्ट को भी लॉन्च किया.

पीएम मोदी ने कहा, "अब इथेनॉल, 21वीं सदी के भारत की बड़ी प्राथमिकताओं से जुड़ गया है. इथेनॉल पर फोकस से पर्यावरण के साथ ही एक बेहतर प्रभाव किसानों के जीवन पर भी पड़ रहा है. आज हमने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल ब्लेंडिंग के लक्ष्य को 2025 तक पूरा करने का संकल्प लिया है."

इथेनॉल इको-फ्रेंडली फ्यूल है, जिसे पेट्रोल में मिलाया जाता है. इसे गन्ने से तैयार किया जाता है. इथेनॉल को पेट्रोल में मिलाने से प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है और जहरीली गैसों का उत्सर्जन भी कम होता है.

पीएम ने कहा, "क्लाइमेट चेंज की वजह से जो चुनौतियां सामने आ रही हैं, भारत उनके प्रति जागरूक भी है और सक्रियता से काम भी कर रहा है. 6-7 साल में रिन्यूएबल एनर्जी की हमारी कैपेसिटी में 250 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है. इंस्टॉल्ड रिन्यूएबल एनर्जी कैपेसिटी के मामले में भारत आज दुनिया के टॉप-5 देशों में है. इसमें भी सौर ऊर्जा की कैपेसिटी को बीते 6 साल में लगभग 15 गुना बढ़ाया है."

उन्होंने आगे बताया, "आज देश के रेलवे नेटवर्क के एक बड़े हिस्से का बिजलीकरण किया जा चुका है. देश के एयरपोर्ट्स को भी तेज़ी से सोलर पावर आधारित बनाया जा रहा है. 2014 से पहले तक सिर्फ 7 एयरपोर्ट्स में सोलर पावर की सुविधा थी, जबकि आज ये संख्या 50 से ज्यादा हो चुकी है." मोदी ने कहा, "इकोनॉमी और इकोलॉजी दोनों एक साथ चल सकती हैं, आगे बढ़ सकती हैं, भारत ने यही रास्ता चुना है."

अमित शाह बोले- पर्यावरण बचाना हमारा कर्तव्य

पर्यावरण दिवस के मौके पर गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा, "मनुष्य का प्रकृति से अटूट संबंध है. प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी भी है और कर्तव्य भी."

    मनुष्य का प्रकृति से अटूट सम्बंध है। प्रकृति व पर्यावरण संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी भी है और कर्तव्य भी।

    मोदी सरकार ने इस दिशा में अनेकों प्रयासों से समाज में जागृति लाने का अभूतपूर्व कार्य किया है। आइए, 'विश्व पर्यावरण दिवस' पर प्रकृति संरक्षण के प्रति सजग बनकर अपना योगदान दें।

The Naradmuni Desk

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