मानसून आने को हैं लेकिन उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव अभी भी पूरा नहीं


रायपुर
सोसायटियों के माध्यम से शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर खरीदे गये धान का उठाव अभी भी पूरा नहीं हो पाया है जबकि मानसून सन्निकट है। इसकी वजह से जहां धान खराब होने के कगार पर है वहीं खेती का मौसम आ जाने की वजह से अब इन शेष बचे धान के स्टाक का रखवाली करने दिहाड़ी मजदूर भी मिलना मुश्किल होगा।

रायपुर जिला के अंतर्गत आने वाले 4 समितियों के उपार्जन केन्द्र नारा, भानसोज, फरफौद व बाना में आज की स्थिति में भी धान का उठाव बाकी रह गया है। इनमें से नारा केंद्रीय सहकारी बैंक शाखा मंदिर हसौद के व शेष आरंग शाखा के अधीन आते हैं। नारा में करीबन 20 हजार, भानसोज व फरफौद में 10 - 10 हजार व बाना में करीबन 25 हजार कट्टा धान का उठाव शेष रह गया है। किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेन्द्र शर्मा ने यह जानकारी देते हुये बताया है कि खुले आसमान के नीचे पड़े इस धान को समिति प्रबंधन तमाम ऐहतियात के बाद भी बचा पाने में असहाय दिख रहा है। बंफर लिमिट से अधिक धान को 3 दिनो के भीतर उठाने के नियम होने व धान खरीदी बीते 31 जनवरी को बंद हो जाने के 4 माह बाद भी उपार्जन केन्द्रों से धान का उठाव शेष रह जाने से सूखत की समस्या से  घाटा उठाने को मजबूर सोसायटियों को हुये बारिश व अब होने वाले मानसूनी बारिश से और अधिक नुकसान उठाने की जानकारी देते हुये उन्होंने कहा है कि खेती का मौसम शुरू हो जाने से अब तो इनका रखवाली व चौकीदारी करने ग्रामीण इलाकों में कोई  मजदूर भी नहीं मिलने वाला। उन्होंने शासन - प्रशासन से इन केन्द्रों सहित प्रदेश के अन्य केन्द्रों में शेष पडे धान का उठाव अविलंब कराने  व साथ ही समितियों को हुये क्षतियोम का भरपायी शासन द्वारा किये जाने की मांग की है।

The Naradmuni Desk

The Naradmuni Desk

The Naradmuni-Credible source of investigative news stories from Central India.