सीधी में बदहाल सड़क को लेकर लीला साहू का धरना, जीतू पटवारी के सवालों से गरमाई सियासत

सीधी। जिले की रामपुर नैकिन तहसील के खड्डी खुर्द गांव की बदहाल सड़क को लेकर शुरू हुआ ग्रामीणों का आंदोलन अब राजनीतिक बहस का मुद्दा बनता नजर आ रहा है। सड़क निर्माण की मांग को लेकर सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर लीला साहू 14 सितंबर से ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठी हैं। इसी बीच कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सड़क की स्थिति और ग्रामीणों की परेशानियों को लेकर सवाल उठाए हैं।
पटवारी के सवालों के बाद कांग्रेस ने प्रदेश सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को सड़क निर्माण में देरी को लेकर घेरा है। हालांकि सड़क निर्माण और ग्रामीणों की समस्याओं को लेकर प्रशासन या संबंधित विभाग की ओर से इस रिपोर्ट के समय कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दो साल से सड़क निर्माण की मांग
लीला साहू का कहना है कि खड्डी खुर्द से जुड़े सड़क मार्ग की समस्या को लेकर ग्रामीण करीब दो वर्षों से आवाज उठा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार मांग और जनप्रतिनिधियों से आग्रह के बावजूद सड़क की स्थिति में स्थायी सुधार नहीं हुआ।
हाल ही में लीला साहू ने सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा को लेकर भी सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि यदि वर्ष 2026 में सड़क का निर्माण नहीं हुआ तो इसका राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है। अब 14 सितंबर से शुरू हुआ धरना इस मुद्दे को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ले आया है।
गांव से करीब 3 किलोमीटर पहले रुकी एंबुलेंस का दावा
सड़क की बदहाली को लेकर सबसे गंभीर दावा उस समय सामने आया, जब एक गर्भवती महिला को अस्पताल ले जाने के लिए बुलाई गई एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी।
लीला साहू के अनुसार, खराब सड़क और रास्ते की स्थिति के कारण एंबुलेंस गांव से करीब 3 किलोमीटर पहले ही रुक गई। इसके बाद महिला का प्रसव घर पर ही कराना पड़ा।
इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट के समय उपलब्ध नहीं है। यदि यह घटना सड़क की स्थिति के कारण हुई है, तो मामला केवल आवागमन की परेशानी तक सीमित नहीं रह जाता, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन परिवहन की उपलब्धता से भी जुड़ जाता है।
लीला साहू ने सांसद के पुराने बयान का भी किया जिक्र
लीला साहू ने सड़क के मुद्दे को लेकर सीधी सांसद पर निशाना साधते हुए अपने गर्भावस्था के समय की एक कथित घटना का जिक्र किया। उनका कहना है कि उस समय उन्हें कथित तौर पर हेलीकॉप्टर से ले जाने की बात कही गई थी।
लीला साहू ने सवाल उठाया कि जब आज गांव की किसी महिला को वास्तव में आपात स्थिति में अस्पताल पहुंचाने की जरूरत पड़ी, तो सड़क और एंबुलेंस की समस्या क्यों बनी रही।
यह बयान लीला साहू का आरोप और राजनीतिक तंज है। सांसद या उनके कार्यालय की ओर से इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया सामने आने पर उसे भी खबर में शामिल किया जा सकता है।
जीतू पटवारी के सवाल के बाद बढ़ा राजनीतिक दबाव
खड्डी खुर्द की सड़क का मुद्दा अब कांग्रेस के प्रदेश स्तर तक पहुंच गया है। जीतू पटवारी के X पोस्ट के बाद कांग्रेस ने सरकार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण को लेकर जवाब मांगा है।
कांग्रेस का कहना है कि ग्रामीणों को लंबे समय से सड़क की समस्या का सामना करना पड़ रहा है और प्रशासन को इस मामले में ठोस कदम उठाना चाहिए।
दूसरी ओर, सड़क निर्माण की वास्तविक स्थिति, स्वीकृति, बजट और काम शुरू होने की समयसीमा को लेकर संबंधित विभाग की आधिकारिक जानकारी सामने आना भी महत्वपूर्ण होगा।
धरना जारी, कार्रवाई का इंतजार
लीला साहू का धरना फिलहाल जारी है। उनका कहना है कि जब तक सड़क निर्माण को लेकर ठोस कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा।
खड्डी खुर्द की सड़क को लेकर ग्रामीणों की पुरानी मांग, एंबुलेंस से जुड़ा दावा और अब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की सक्रियता ने इस स्थानीय समस्या को राजनीतिक बहस के केंद्र में ला दिया है। अब नजर इस बात पर है कि प्रशासन और संबंधित विभाग सड़क निर्माण को लेकर क्या कदम उठाते हैं और ग्रामीणों को राहत कब मिलती है।

