तालिबान सरकार महिला एथलीटों के लिए बनी सिरदर्द, मान्यता देने से किया इंकार


काबुल
अफगानिस्तान में जबसे आतंकी संगठन तालिबान का राज शुरू हुआ है तभी से महिलाओं के अधिकारों के साथ खिलवाड़ होता रहा है. आगामी पेरिस ओलंपिक्स 2024 की शुरुआत 26 जुलाई से होगी, जिसमें अफगानिस्तान के 6 एथलीट भाग ले रहे होंगे, जिनमें 3 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं. अब तालिबान सरकार ने ओलंपिक में भाग ले रहीं 3 अफगानी महिला एथलीट्स को मान्यता देने से इनकार कर दिया है, जिसका कारण सुनकर कोई भी हैरत में पड़ जाएगा.

अफगानिस्तान के खेल विभाग ने आधिकारिक स्टेटमेंट जारी करते हुए बताया - ओलंपिक में अफगानिस्तान के केवल 3 एथलीट भाग ले रहे होंगे. फिलहाल अफगानिस्तान में महिलाओं के खेलों में हिस्सा लेने पर पाबंदी है. जब लड़कियां खेल ही नहीं पा रहीं तो उन्हें नेशनल टीम में प्रवेश कैसे मिल सकता है. हम ओलंपिक्स में भाग ले रहे केवल 3 पुरुष एथलीट्स की जिम्मेदारी उठाने को तैयार हैं, जिनकी ट्रेनिंग और स्कॉलरशिप का पूरा ध्यान रखा जा रहा है.
महिलाओं के लिए हालात अच्छे नहीं

अफगानिस्तान में एथलीट्स के लिए हालात अच्छे नहीं हैं और विशेष रूप से महिलाओं की स्थिति ज्यादा बदतर है. अफगानिस्तान के जो 6 एथलीट पेरिस ओलंपिक में भाग लेने वाले हैं, जिनमें से तीनों महिलाएं और 2 पुरुष एथलीट अफगानिस्तान से बाहर रह रहे हैं. अकेला एथलीट जो अफगानिस्तान में रह रहा है, वह जूडो एथलीट है और बाकी 2 पुरुष एथलेटिक्स और स्विमिंग में भाग लेंगे. वहीं महिला खिलाड़ी एथलेटिक्स और साइकलिंग में भाग लेंगी.

अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने तालिबान की इस हरकत पर बयान देते हुए कहा है कि उन्होंने अफगानिस्तान के 6 एथलीट्स को न्योता देने से पहले ना तो किसी तालिबान के अधिकारी से सलाह ली थी और ना ही उन्हें ओलंपिक खेलों के लिए आमंत्रित किया था. तालिबान सरकार में महिलाओं को स्कूल और यूनिवर्सिटी जाने की भी अनुमति नहीं है.

The Naradmuni Desk

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