उज्जैन में गणेश प्रतिमा की आंखों से आंसू आने का दावा, दर्शन के लिए उमड़ी भीड़; महाआरती भी हुई

उज्जैन। गणेश चतुर्थी से पहले मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का ध्यान खींच लिया है। ताजपुर तहसील के माता जी के चोपड़ा गांव में गणेश प्रतिमा की आंखों से आंसू आने का दावा किया गया है। शनिवार सुबह यह बात फैलने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों से श्रद्धालु मंदिर पहुंचने लगे।
ग्रामीणों का कहना है कि गणेश प्रतिमा की आंखों के पास से पानी जैसी बूंदें बहती दिखाई दे रही हैं। उनका दावा है कि यह स्थिति कई घंटों से बनी हुई है। हालांकि, प्रतिमा से पानी आने की वास्तविक वजह क्या है, इसकी कोई स्वतंत्र या वैज्ञानिक पुष्टि सामने नहीं आई है।
सुबह नगर पूजा के बाद फैली खबर
गांव निवासी ईश्वर पाटीदार के मुताबिक, शनिवार सुबह करीब 6:30 बजे गांव में नगर पूजा हुई थी। इसके बाद गणेश प्रतिमा की आंखों से बूंदें निकलने की बात लोगों के बीच फैल गई।
कुछ ही देर में यह खबर आसपास के क्षेत्रों में भी पहुंच गई और लोग प्रतिमा के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि प्रतिमा की आंखों से आंसू आने जैसा दृश्य करीब आठ घंटे तक दिखाई देता रहा।
ईश्वर पाटीदार ने यह भी बताया कि दोपहर बाद प्रतिमा के आसपास पानी की कोई बूंद नहीं आई। इसी वजह से ग्रामीणों में इस घटना को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई।
दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु
गणेश प्रतिमा की आंखों से आंसू आने की खबर फैलने के बाद मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ गई। आसपास के गांवों से भी लोग दर्शन के लिए पहुंचे।
श्रद्धालुओं ने मौके पर पूजा-अर्चना की और महाआरती भी की। कई लोगों ने प्रतिमा के दर्शन कर इसे आस्था से जोड़कर देखा।
गांव निवासी ईश्वर सिंह ने बताया कि जैसे-जैसे प्रतिमा की आंखों से आंसू आने की बात आसपास के लोगों तक पहुंची, वैसे-वैसे मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई।
700-800 साल पुराना मंदिर होने का दावा
ग्रामीणों ने मंदिर को करीब 700 से 800 वर्ष पुराना बताया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर और यहां स्थापित प्रतिमा का पुराना धार्मिक महत्व है।
ग्रामीण इस मंदिर को पुरातात्विक महत्व से भी जोड़कर देखते हैं। हालांकि, मंदिर की वास्तविक आयु और इसके पुरातात्विक महत्व को लेकर किसी आधिकारिक पुरातत्व विभाग की पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है।
आस्था के बीच उठ रहा सवाल- आंखों से पानी क्यों आया?
गणेश प्रतिमा की आंखों से पानी निकलने की घटना को श्रद्धालु आस्था और धार्मिक भावना से जोड़कर देख रहे हैं। वहीं, किसी प्रतिमा की सतह पर पानी या नमी दिखाई देने के पीछे कई प्राकृतिक या भौतिक कारण भी हो सकते हैं।
ऐसे में प्रतिमा से पानी आने की वास्तविक वजह की पुष्टि विशेषज्ञों या संबंधित विभाग की जांच के बाद ही हो सकेगी। फिलहाल गांव में इस घटना को लेकर लोगों में उत्सुकता बनी हुई है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं।
नोट: प्रतिमा की आंखों से “आंसू” आने की बात ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के दावे पर आधारित है। इसे किसी चमत्कार या वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित घटना के रूप में स्थापित नहीं किया गया है।
