अनुराग जैन ने खोला राज! बोले- राजौरा, गोविल और बर्णवाल में से किसी एक को चुनना आसान नहीं था

विदाई समारोह में पूर्व मुख्य सचिव का बयान बना चर्चा का विषय, नए सीएस अशोक बर्णवाल की नियुक्ति पर अटकलों को मिली नई हवा
भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव अनुराग जैन को देश के सबसे अहम प्रशासनिक पदों में शामिल नीति आयोग के सीईओ की जिम्मेदारी मिलने के बाद गुरुवार को मंत्रालय में सत्ता और प्रशासन के शीर्ष अफसरों की मौजूदगी में विदाई और स्वागत का आयोजन हुआ। इस दौरान नए मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने औपचारिक रूप से पदभार संभाला, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों की टी पार्टी में कई दिलचस्प किस्से और अनुभव साझा किए गए।
हालांकि पूरे कार्यक्रम में सबसे ज्यादा चर्चा अनुराग जैन के उस बयान की रही, जिसने नए मुख्य सचिव के चयन को लेकर चल रही चर्चाओं को नया आयाम दे दिया। अपने संबोधन में अनुराग जैन ने कहा, "मेरे लिए राजेश (राजौरा), मनोज (गोविल) और अशोक (बर्णवाल) में से किसी एक का चुनाव करना आसान नहीं था। ये तीनों ही मेरे बेहद प्रिय हैं और तीनों की कार्यशैली मुझे पसंद है।" जैन का यह बयान प्रशासनिक गलियारों में देर तक चर्चा का विषय बना रहा। माना जा रहा है कि उनके इस कथन ने इस धारणा को और मजबूत कर दिया कि नए मुख्य सचिव के चयन में उनकी राय और फीडबैक को अहम महत्व दिया गया। गौरतलब है कि अनुराग जैन को नीति आयोग का सीईओ बनाए जाने के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल को राज्य का नया मुख्य सचिव नियुक्त किया है। बर्णवाल ने गुरुवार को पदभार ग्रहण करने के साथ ही मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की और नई जिम्मेदारी संभाली। प्रशासनिक हलकों में अब अनुराग जैन के इस बयान को केवल भावनात्मक टिप्पणी नहीं, बल्कि शीर्ष स्तर पर हुए चयन की प्रक्रिया का महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। यही वजह है कि उनका यह एक वाक्य पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी चर्चा बन गया।





