Datia News: दतिया में सरकारी रिकॉर्ड से छेड़छाड़ के आरोप में एसआई शाकिर अली और आरक्षक हरिमोहन कुशवाह निलंबित

मध्यप्रदेश के दतिया जिले में सरकारी पुलिस रिकॉर्ड से कथित छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। भगुवापुरा थाने की ग्राम अपराध पुस्तिका में बदलाव करने के आरोप में उपनिरीक्षक शाकिर अली और आरक्षक हरिमोहन कुशवाह को निलंबित कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें रक्षित केंद्र भेज दिया है। मामले की जांच एक पूर्व सरपंच की शिकायत के बाद शुरू हुई थी।
पूर्व सरपंच की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
मामला बस्तूरी गांव के पूर्व सरपंच और पूर्व भाजपा मंडल अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह चौहान की शिकायत से जुड़ा है। चौहान ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने उन्हें जुए के अड्डे से पकड़ने के बजाय उनके घर से उठाया और बाद में जुए के मामले में आरोपी बना दिया। उन्होंने इस संबंध में चंबल रेंज के डीआईजी सुनील कुमार जैन से शिकायत की थी।
शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीआईजी स्वयं बस्तूरी गांव पहुंचे और मामले की जांच की। करीब दो घंटे तक चली पड़ताल के दौरान लगभग एक दर्जन लोगों के बयान दर्ज किए गए। स्थानीय लोगों के बयानों के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठे और जांच का दायरा सरकारी रिकॉर्ड में कथित बदलाव तक पहुंच गया।
ग्राम अपराध पुस्तिका में बदलाव का आरोप
जांच के दौरान आरोप सामने आया कि 12 सितंबर की रात भगुवापुरा थाने के प्रभारी की अनुपस्थिति में तत्कालीन लांच थाना प्रभारी शाकिर अली और आरक्षक हरिमोहन कुशवाह थाने पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान बस्तूरी गांव से संबंधित ग्राम अपराध पुस्तिका में दर्ज वर्ष 2024 और 2025 की वार्षिक टिप्पणियों के पन्नों में बदलाव किया गया।
ग्राम अपराध पुस्तिका गांव से जुड़े अपराधों और पुलिस रिकॉर्ड के लिहाज से महत्वपूर्ण दस्तावेज मानी जाती है। जांच के दौरान पुस्तिका में दर्ज विवरण का थाने के रोजनामचे की प्रविष्टियों से मिलान किया गया। बताया गया कि लिखावट और दस्तावेजों की बनावट में अंतर सामने आने के बाद रिकॉर्ड से छेड़छाड़ की आशंका जताई गई।
एसपी ने दोनों पुलिसकर्मियों को किया निलंबित
मामले में सामने आए आरोपों के बाद पुलिस अधीक्षक मयूर खंडेलवाल ने शाकिर अली और हरिमोहन कुशवाह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। दोनों को रक्षित केंद्र भेज दिया गया है।





