दिल्ली में CJP के तिरंगा मार्च से पहले पुलिस की कार्रवाई अभिजीत दिपके को नोटिस

नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित तिरंगा मार्च से पहले दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई की है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके के दिल्ली स्थित आवास पर शुक्रवार को 20 से अधिक पुलिसकर्मी पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार, पुलिस ने उन्हें कनॉट प्लेस में प्रदर्शन नहीं करने का नोटिस दिया है। दिपके ने शुक्रवार शाम 5 बजे कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में ‘लहरा दो तिरंगा’ मार्च आयोजित करने का आह्वान किया था।
नई दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
प्रस्तावित मार्च को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खबर के मुताबिक, दिल्ली पुलिस के 6,000 से अधिक जवान और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 220 कंपनियां तैनात की गई हैं। प्रत्येक कंपनी में करीब 100 जवान होते हैं।
पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत लागू निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए मार्च की अनुमति नहीं दी है। इन प्रतिबंधों के तहत कनॉट प्लेस और आसपास के इलाकों में सामूहिक रूप से जुटने पर रोक है।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के सीमित समूह को किसी वैकल्पिक स्थान पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) ने प्रशासनिक कारणों से शुक्रवार और शनिवार को सेंट्रल पार्क बंद रखने की जानकारी दी है।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर दिपके के आरोप
अभिजीत दिपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार को लेकर भी आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि सरकार ज्ञानेश कुमार का बचाव कर रही है। दिपके ने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इस प्रक्रिया में 13 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए, जो उनके मुताबिक कुल मतदाताओं का लगभग 14 प्रतिशत है।
दिपके ने चुनाव में जीत के अंतर और मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आंकड़ों का हवाला देते हुए प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, उनके इन दावों और आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए आधिकारिक आंकड़ों का सत्यापन जरूरी है।
दिपके ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर यह आरोप भी लगाया कि जहां वह ठहरे हैं, वहां सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी निगरानी कर रहे हैं और एक सफेद स्कॉर्पियो उनका पीछा कर रही है। इन आरोपों पर पुलिस का पक्ष उपलब्ध जानकारी में सामने नहीं आया है।
तिरंगा मार्च के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका
कनॉट प्लेस में प्रस्तावित CJP प्रदर्शन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील जय अनंत देहाद्राई के अनुसार, नई दिल्ली किराना समिति और अन्य व्यापारिक संगठनों ने यह याचिका दाखिल की है।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि मध्य दिल्ली में प्रदर्शन से यातायात और आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है। त्योहारों के मौसम में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को परेशानी होने और व्यापारियों को आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई गई है।
वकील के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट ने मामले को जरूरी मानते हुए अगली सुनवाई 26 अक्टूबर के लिए सूचीबद्ध की है। फिलहाल प्रस्तावित मार्च से पहले दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रदर्शन को लेकर प्रशासन तथा आयोजकों के बीच स्थिति पर नजर बनी हुई है।




