Dewas TI Dilip Puri Death Case: हरदा में शराब ठेकेदार की 3 दुकानें सील, मैनेजर हिरासत में, शराब से भरे ट्रक की जांच तेज

देवास/हरदा। मध्यप्रदेश के देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की शराब से भरे ट्रक की चपेट में आने से हुई मौत के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना के तार हरदा जिले के टिमरनी से जुड़ने के बाद पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने शराब ठेकेदार पातेंद्र जायसवाल के नाम से संचालित तीन लाइसेंसी शराब दुकानों को सील कर दिया है। सोमवार को हुई इस कार्रवाई के दौरान दुकानों के स्टॉक और दस्तावेजों की जांच की गई। वहीं, पुलिस ने शराब ठेकेदार के मैनेजर भूपेंद्र सिंह राणा को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
टीआई की मौत के मामले में हरदा तक पहुंची जांच
देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की इंदौर-बैतूल हाईवे पर शराब से भरे ट्रक की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इस घटना के बाद पुलिस ने ट्रक और उसमें भरी शराब के संबंध में जांच शुरू की।
प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि जिस ट्रक की चपेट में आने से टीआई की मौत हुई, उसमें शराब हरदा जिले के टिमरनी स्थित एक दुकान से लोड किए जाने की बात सामने आई है।
इसी जानकारी के आधार पर पुलिस और आबकारी विभाग ने टिमरनी में शराब दुकानों के स्टॉक और परिवहन संबंधी दस्तावेजों की जांच शुरू की है।
एएसपी और आबकारी अधिकारी की मौजूदगी में तीन दुकानें सील
सोमवार को एएसपी अमित मिश्रा, तहसीलदार देवशंकर धुर्वे और आबकारी अधिकारी सुनील भोजने सहित पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम टिमरनी पहुंची।
अधिकारियों ने राधाबाई की पुलिया के पास स्थित शराब दुकान सहित ठेकेदार पातेंद्र जायसवाल के नाम से संचालित अन्य संबंधित दुकानों की जांच की।
इस दौरान दुकानों में मौजूद शराब के स्टॉक का मिलान किया गया। टीम ने स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेजों की भी पड़ताल की।
जांच के बाद प्रशासन ने ठेकेदार की तीन लाइसेंसी शराब दुकानों को सील कर दिया।
शराब ठेकेदार का मैनेजर हिरासत में, पूछताछ जारी
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने शराब ठेकेदार के मैनेजर भूपेंद्र सिंह राणा को भी हिरासत में लिया है।
पुलिस उससे शराब के स्टॉक, ट्रक में शराब लोड किए जाने और परिवहन से संबंधित जानकारी जुटा रही है।
जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ट्रक में शराब कहां से भरी गई थी, उसके परिवहन के लिए कौन से दस्तावेज जारी किए गए थे और पूरी प्रक्रिया में आबकारी नियमों का पालन हुआ था या नहीं।
ट्रक में टिमरनी की दुकान से शराब लोड होने की आशंका
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इंदौर-बैतूल हाईवे पर टीआई दिलीप पुरी की मौत से जुड़े ट्रक में शराब टिमरनी की संबंधित दुकान से लोड की गई थी।
हालांकि इस जानकारी की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस और आबकारी विभाग स्टॉक रजिस्टर, परिवहन पर्चियों और अन्य रिकॉर्ड का मिलान कर रहे हैं।
अधिकारियों का उद्देश्य यह पता लगाना है कि शराब का परिवहन वैध तरीके से किया जा रहा था या उसमें किसी प्रकार की अनियमितता हुई थी।
शराब परिवहन की वैधता की भी हो रही जांच
तीन शराब दुकानों को सील किए जाने के बाद अब पूरे मामले में शराब के परिवहन और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच महत्वपूर्ण हो गई है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि संबंधित ट्रक का शराब ठेकेदार और उसकी दुकानों से क्या संबंध था।
फिलहाल तीन दुकानों को सील करने और मैनेजर को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की कार्रवाई सामने आई है। शराब परिवहन में किसी अनियमितता या ठेकेदार की आपराधिक भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
खातेगांव टीआई दिलीप पुरी की मौत के मामले में हरदा कनेक्शन सामने आने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है। अब पुलिस और आबकारी विभाग की पड़ताल से ही स्पष्ट होगा कि शराब से भरे ट्रक के संचालन और परिवहन में किन लोगों की क्या भूमिका थी।





