Dhirendra Krishna Shastri Controversy: भगवान कृष्ण पर टिप्पणी को लेकर अखिलेश यादव ने की कार्यक्रमों पर रोक की मांग, FIR कराने पहुंचे पप्पू यादव

भोपाल। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के नेताओं के विरोध के बाद अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और बिहार के सांसद पप्पू यादव ने भी शास्त्री के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिलेश यादव ने उनके बयान को ईशनिंदा बताते हुए देशभर में उनके कार्यक्रम रद्द करने और नए कार्यक्रमों की अनुमति नहीं देने की मांग की है। वहीं, सांसद पप्पू यादव धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे। हालांकि धीरेंद्र शास्त्री पहले ही अपनी टिप्पणी पर सफाई दे चुके हैं और उनका कहना है कि उनके बयान का गलत अर्थ निकाला जा रहा है।
अखिलेश यादव बोले- ईशनिंदा के लिए कभी माफी नहीं हो सकती
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताई।
उन्होंने लिखा, "मानवीय भूलों के लिए तो क्षमा किया जा सकता है, ईशनिंदा के लिए कभी नहीं।"
अखिलेश यादव ने शास्त्री के सार्वजनिक कार्यक्रमों पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए कहा कि देशभर में उनके सभी कार्यक्रम रद्द किए जाने चाहिए और भविष्य में नए कार्यक्रमों की अनुमति भी नहीं दी जानी चाहिए।
उन्होंने लोगों से धीरेंद्र शास्त्री का बहिष्कार करने की अपील भी की।
सपा प्रमुख ने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े विषयों पर इस तरह की टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने मामले में वैधानिक कार्रवाई की मांग की।
अखिलेश ने कहा- खुद को ईश्वर से ऊपर नहीं समझना चाहिए
अखिलेश यादव ने अपनी पोस्ट में धीरेंद्र शास्त्री पर निशाना साधते हुए कहा कि मनुष्य में इतना अहंकार नहीं होना चाहिए कि वह खुद को ईश्वर से ऊपर समझने लगे।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति अपने बयान पर जीवनभर पश्चाताप भी करे, तब भी धार्मिक आस्था रखने वाले लोगों के लिए उसे माफ करना आसान नहीं होगा।
अखिलेश यादव ने अपने बयान में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग दोहराई।
धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ FIR कराने थाने पहुंचे पप्पू यादव
बिहार के सांसद पप्पू यादव ने भी भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताई है।
वे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने दिल्ली के पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने पहुंचे।
इससे पहले पप्पू यादव ने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वे शास्त्री के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने जा रहे हैं।
उन्होंने लिखा, "भगवान श्रीकृष्ण जी का अपमान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेंगे!"
पप्पू यादव ने धीरेंद्र शास्त्री पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया और उनकी माफी को भी नाटक बताया।
उन्होंने कहा कि वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे।
हालांकि उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस ने उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज की है या नहीं।
शिवपुरी की रामकथा में भगवान राम और कृष्ण की तुलना से शुरू हुआ विवाद
पूरा मामला मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित श्रीराम कथा से जुड़ा है।
कथा के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप तथा उनकी मुद्राओं की तुलना की थी।
उन्होंने कहा था कि भगवान राम सीधे खड़े होते हैं, जबकि भगवान श्रीकृष्ण तीन स्थानों से टेढ़े दिखाई देते हैं।
शास्त्री ने भगवान कृष्ण की बांसुरी बजाने की मुद्रा और वृंदावन का उल्लेख करते हुए भगवान राम के धनुष चलाने के स्वरूप की भी तुलना की थी।
उन्होंने कहा था कि बांसुरी बजाना खेल है, लेकिन धनुष चलाना कोई खेल नहीं है।
इस टिप्पणी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद शुरू हो गया।
बयान पर संतों और राजनीतिक नेताओं ने जताई नाराजगी
धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी पर कई लोगों ने आपत्ति जताई। कुछ संतों ने भी भगवान राम और कृष्ण की इस तरह तुलना किए जाने को अनुचित बताया।
विरोध करने वालों का कहना है कि दोनों ही हिंदू धर्म के आराध्य हैं और उनके स्वरूप को लेकर ऐसी टिप्पणी से श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है।
वहीं, शास्त्री के बयान को कथा के दौरान किए गए हास्य-विनोद और धार्मिक व्याख्या के संदर्भ में देखने की बात भी कही गई है।
इस मुद्दे पर मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, पूर्व सांसद लक्ष्मण सिंह और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।
धीरेंद्र शास्त्री बोले- विनोद में कही बात का गलत अर्थ न निकालें
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने वीडियो जारी कर अपनी टिप्पणी पर सफाई दी।
उन्होंने कहा कि कभी-कभी कथा के दौरान विनोद या भाव में कुछ बातें कही जाती हैं, लेकिन उनका गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए।
शास्त्री ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं भगवान श्रीकृष्ण के भक्त हैं और उनका उद्देश्य किसी भी प्रकार से भगवान का अपमान करना नहीं था।
उन्होंने भगवान कृष्ण के त्रिभंग स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि धार्मिक परंपराओं में भगवान की प्रेमपूर्ण और विनोदपूर्ण स्तुति भी की जाती है।
शास्त्री ने अपनी टिप्पणी को 'व्याज स्तुति' से जोड़ते हुए कहा कि जिस आराध्य से अधिक प्रेम होता है, उसके लिए भक्तिभाव में अलग-अलग अभिव्यक्तियां इस्तेमाल की जाती हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि गोपियां भी भ्रमर गीत में भगवान कृष्ण के लिए अलग-अलग संबोधनों का इस्तेमाल करती हैं।
शास्त्री का तंज- प्रसिद्ध होने के लिए लोग मेरा विरोध करते हैं
अपनी सफाई के दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने विरोध करने वालों पर भी निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि आजकल कुछ लोग जल्दी प्रसिद्ध होने के लिए बाबा बागेश्वर का विरोध करने लगते हैं।
शास्त्री ने खुद को भगवान राम और कृष्ण का भक्त बताते हुए कहा कि वे कभी श्रीकृष्ण विरोधी नहीं हो सकते।
उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, "जग में सुंदर हैं दो नाम – राम और श्याम।"
माफी और सफाई के बाद भी नहीं थम रहा विवाद
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सफाई के बावजूद भगवान श्रीकृष्ण पर उनकी टिप्पणी को लेकर राजनीतिक विरोध जारी है।
अखिलेश यादव ने जहां उनके कार्यक्रमों पर रोक और कानूनी कार्रवाई की मांग की है, वहीं पप्पू यादव ने पुलिस से शिकायत करने की पहल की है।
फिलहाल कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने या किसी आपराधिक कार्रवाई के संबंध में आधिकारिक निर्णय की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में अब यह देखना होगा कि राजनीतिक विरोध और पुलिस में शिकायत के बाद इस मामले में आगे क्या कानूनी कार्रवाई होती है।





