दिग्विजय सिंह का BJP पर हमला बोले अयोध्या राम मंदिर का शिलान्यास कांग्रेस शासन में हुआ

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अयोध्या के राम मंदिर और उज्जैन में माधव सेवा न्यास की जमीन को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने कभी राम मंदिर का विरोध नहीं किया और कांग्रेस शासनकाल में मंदिर के दरवाजे खुलने के साथ शिलान्यास भी हुआ था। भाजपा पर आरोप लगाते हुए सिंह ने कहा कि उसने केवल चंदा जुटाने का काम किया। उन्होंने सरकार पर वोट चोरी और चंदा चोरी के आरोप भी लगाए।
दिग्विजय सिंह ने कहा कि उनकी प्रस्तावित सनातन यात्रा का कांग्रेस पार्टी से कोई संबंध नहीं है। यह उनकी निजी यात्रा है। यात्रा के दौरान प्रतिदिन करीब 15 किलोमीटर पैदल चलने की योजना है। सुबह और शाम यात्रा होगी, जबकि दोपहर में विश्राम किया जाएगा। रात में ठहरने का स्थान दूर होने पर वाहन का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।
उज्जैन में माधव सेवा न्यास की जमीन का मुद्दा उठाया
दिग्विजय सिंह ने उज्जैन के माधव सेवा न्यास में चल रहे निर्माण कार्य पर भी सवाल उठाए। उनके अनुसार, 16 मई 1931 को 2.679 हेक्टेयर जमीन आरएसएस को शाखा लगाने के लिए दी गई थी। उन्होंने दावा किया कि पटवा सरकार के समय इस जमीन को लेकर सिविल कोर्ट में मामला दायर हुआ था, लेकिन संबंधित विभाग और कलेक्टर के अदालत में पेश नहीं होने के कारण एकपक्षीय फैसला हो गया।
सिंह ने कहा कि उनके मुख्यमंत्री रहते इस जमीन का अधिग्रहण किया गया था, क्योंकि इसका उपयोग महाकालेश्वर मंदिर के लिए होना था। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आने के बाद जमीन फिर सेवा न्यास को सौंप दी गई और अब मंदिर की जमीन पर होटल बनाया जा रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार पर आरएसएस से जुड़े ट्रस्टों को आर्थिक लाभ पहुंचाने का आरोप भी लगाया। उनके इन बयानों पर भाजपा की प्रतिक्रिया सामने आने पर मामले के दूसरे पक्ष की जानकारी भी स्पष्ट हो सकेगी।





