दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा शुरू उज्जैन से अयोध्या तक 950 किमी पैदल चलेंगे

उज्जैन। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा 20 अक्टूबर से उज्जैन में शुरू हो रही है। यात्रा से पहले उन्होंने पत्नी अमृता सिंह के साथ पार्थिव शिवलिंग का पूजन किया। करीब 950 किलोमीटर लंबी इस यात्रा को लगभग 70 दिनों में पूरा कर अयोध्या के राम मंदिर तक पहुंचने की योजना है।
यात्रा में साधु-संतों, सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों, कांग्रेस कार्यकर्ताओं, विधायकों और महिला प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। आयोजकों के अनुसार, पहले दिन करीब 3 हजार लोगों के जुटने का अनुमान है। आगे के पड़ावों पर प्रतिदिन 1,000 से 1,500 लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है।
मंदिरों में पारदर्शिता की मांग को लेकर यात्रा
दिग्विजय सिंह ने मंदिरों में चढ़ावे और धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग को यात्रा का प्रमुख उद्देश्य बताया है। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान भोजन, नाश्ते और ठहरने की व्यवस्था के लिए लोग स्वेच्छा से सहयोग कर रहे हैं। उनके मुताबिक, उत्तर प्रदेश में भी कई स्थानों पर भंडारों की व्यवस्था के लिए लोग आगे आए हैं।
कांग्रेस विधायक महेश परमार के अनुसार, यात्रा के छोटे ग्रामीण पड़ावों पर रोजाना करीब 20 से 30 हजार रुपये और बड़े पड़ावों पर 50 से 60 हजार रुपये तक खर्च होने का अनुमान है। कुल मिलाकर प्रतिदिन 30 से 50 हजार रुपये के खर्च का आकलन किया जा रहा है। लगभग 70 दिन की यात्रा पर 30 से 40 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान बताया गया है।
पहले चिंतामन गणेश और फिर महाकाल के दर्शन
यात्रा की शुरुआत से पहले दिग्विजय सिंह चिंतामन गणेश मंदिर में दर्शन करेंगे। इसके बाद नृसिंह घाट के पास बालाजी गार्डन में पार्थिव शिवलिंग निर्माण और पूजन का कार्यक्रम रखा गया है। महाकाल मंदिर में दर्शन के बाद यात्रा आगे बढ़ेगी। पहला पड़ाव कानीपुरा में निर्धारित किया गया है।
यात्रा के दौरान प्रतिदिन लगभग 15 किलोमीटर पैदल चलने की योजना है। दिग्विजय सिंह इसके लिए पहले से पैदल चलने का अभ्यास भी कर रहे थे।
रथ में राम-सीता और पांच नदियों के जल कलश
यात्रा के साथ एक विशेष रथ भी चलेगा, जिसमें भगवान राम, लक्ष्मण, माता सीता और हनुमान की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। रथ में गंगा, यमुना, शिप्रा, कावेरी और नर्मदा के जल से भरे कलश भी रखे जाएंगे।
आयोजकों के मुताबिक, महामंडलेश्वर कंप्यूटर बाबा सहित कई संत यात्रा में शामिल हो सकते हैं। ज्योतिष्पीठ और द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्यों की ओर से भी यात्रा को समर्थन और आशीर्वाद मिलने की जानकारी दी गई है।
मुस्लिम महिला भी यात्रा में होंगी शामिल
यात्रा में शामिल होने पहुंचीं फराह खान ने कहा कि वह अपनी इच्छा से इसमें भाग ले रही हैं। उन्होंने मंदिरों से सोने की चोरी और धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को यात्रा से जुड़ा बताया। फराह खान के मुताबिक, वह शुरुआती पांच-छह दिन यात्रा में रहेंगी और बाद में फिर शामिल होंगी। उन्होंने रायसेन जिले से भी मुस्लिम समाज के कुछ लोगों के यात्रा में जुड़ने की बात कही।
मध्य प्रदेश से उत्तर प्रदेश होते हुए अयोध्या पहुंचेगी यात्रा
यात्रा उज्जैन से शुरू होकर तराना, शाजापुर, सारंगपुर, खुजनेर, राजगढ़, चाचौड़ा, आरोन, अशोकनगर और चंदेरी से गुजरेगी। इसके बाद उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए अयोध्या पहुंचेगी। यात्रा का अंतिम पड़ाव राम मंदिर होगा।
दिग्विजय सिंह ने यात्रा को धार्मिक स्थलों की व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाने का माध्यम बताया है।





