MP News: दिग्विजय सिंह की यात्रा को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का समर्थन, 20 अक्टूबर से उज्जैन में शुरुआत

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित यात्रा को ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का समर्थन मिला है। शंकराचार्य ने इस यात्रा के संदर्भ में पत्र लिखकर सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों और धर्म के नाम पर होने वाले आचरण पर अपनी बात रखी है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, दिग्विजय सिंह की यह यात्रा 20 अक्टूबर से उज्जैन में शुरू होगी।
शंकराचार्य ने पत्र में सत्य और धर्म-स्वाभिमान पर दिया जोर
दिग्विजय सिंह की यात्रा के संबंध में लिखे पत्र में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सनातन धर्म के मूल स्वरूप पर विचार व्यक्त किए हैं। पत्र के अनुसार, उन्होंने सत्य, अहिंसा, पवित्रता, नीति और देवालयों की मर्यादा को सनातन धर्म के प्रमुख आधार बताया।
उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर असत्य या अनाचार को सनातन धर्म का वास्तविक स्वरूप नहीं माना जा सकता। उनके संदेश में धर्म के आवरण में होने वाले गलत आचरण के विरोध और सत्य के पक्ष में खड़े होने को धर्म-स्वाभिमान से जोड़कर देखा गया है।
20 अक्टूबर से उज्जैन में शुरू होगी यात्रा
दिग्विजय सिंह की प्रस्तावित यात्रा की शुरुआत उज्जैन से होनी है। शंकराचार्य ने अपने पत्र में इसे सनातन तत्त्व और धर्म-स्वाभिमान के जागरण से जुड़ा प्रयास बताया है।
शंकराचार्य के समर्थन के बाद इस यात्रा को धार्मिक और राजनीतिक, दोनों दृष्टियों से देखा जा रहा है। हालांकि, यात्रा के उद्देश्य, कार्यक्रम और इसके दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों को लेकर आगे की गतिविधियां महत्वपूर्ण रहेंगी।
धार्मिक संदेश के राजनीतिक मायनों पर नजर
दिग्विजय सिंह की यात्रा को शंकराचार्य का समर्थन ऐसे समय मिला है, जब मध्य प्रदेश में धर्म और राजनीति से जुड़े मुद्दे लगातार चर्चा में रहते हैं। इस समर्थन को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग व्याख्याएं हो सकती हैं, लेकिन फिलहाल पत्र में सनातन धर्म के सिद्धांतों और धर्म-स्वाभिमान पर जोर दिया गया है।
अब सबकी नजर 20 अक्टूबर को उज्जैन से शुरू होने वाली यात्रा और उसके दौरान सामने आने वाले संदेशों पर रहेगी।





