सिवनी लूटकांड में बड़ा एक्शन : लेडी एसडीओपी पूजा पांडेय के खिलाफ डकैती की धारा में एफआईआर कर लिया हिरासत में

- एसडीओपी, टीआई समेत पांच पुलिस कर्मियों को लिया गया हिरासत में
भोपाल। सिवनी जिले में हुई कारोबारियों के साथ हुई करीब 3 करोड़ की डकैती के मामले में पुलिस ने लेडी एसडीओपी पूजा पांडेय समेत 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। इन पर डकैती, अपहरण और गलत नियत के साथ कार्रवाई करने के मामले में एफआईआर की गई है। साथ ही एसडीओपी, टीआई समेत पांच पुलिसकर्मियों को हिरासत में ले लिया है। जबकि 6 पुलिसकर्मियों की तलाश की जा रही है। यह एक्शन इस मामले की जांच कर रहे आईपीएस अफसर आयुष गुप्ता की रिपोर्ट पर किया गया है।
दरअसल सिवनी जिले के बंडोल थाना क्षेत्र में 8 अक्टूबर 2025 की रात को एक चौंकाने वाली घटना घटी। कटनी से महाराष्ट्र के जालना जा रही एक कार में हवाला की भारी राशि होने की सूचना मिलने पर पुलिस ने चेकिंग की। कार सवार सोहनलाल परमार और उनके साथी पर आरोप है कि वे लगभग 3 करोड़ रुपये की हवाला राशि नागपुर ले जा रहे थे। एनएच 44 पर शीलादेही बायपास के पास चेकिंग के दौरान एसडीओपी पूजा पांडे के नेतृत्व में बंडोल थाना प्रभारी अर्पित भैरम सहित एक टीम ने वाहन को रोका। पुलिस टीम ने कार की तलाशी ली और कथित तौर पर 1.45 करोड़ रुपये नकद बरामद किए। लेकिन इसके बाद जो हुआ, वह पुलिस की नीयत पर सवाल उठाता है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने ड्राइवर और साथियों के साथ मारपीट की, उन्हें धमकाया और राशि का एक बड़ा हिस्सा हड़प लिया। शेष राशि को जब्त दिखाकर बाकी को आपस में बांट लिया गया। पीड़ित पक्ष ने दावा किया है कि कुल 2.96 करोड़ रुपये थे, लेकिन केवल 1.45 करोड़ ही दर्ज किए गए। ड्राइवर को पीट-पीटकर भगाने के बाद पीड़ितों ने 9 अक्टूबर को सिवनी एसपी सुनील मेहता के पास शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही जबलपुर आईजी प्रमोद वर्मा ने फौरन संज्ञान लिया। आईजी वर्मा ने बंडोल टीआई अर्पित भैरम समेत 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। जांच के लिए एसएसपी आयुष गुप्ता को 3 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया था। लेकिन जांच में एसडीओपी पूजा पांडे की भूमिका संदिग्ध पाई गई। उनके नेतृत्व में हुई चेकिंग और उसके बाद की घटनाओं से सवाल उठे कि क्या यह सुनियोजित लूट थी।





