Gwalior Sheetla Mata Temple Accident: CM मोहन यादव का एक्शन 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड और CSP हटाने के आदेश

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण ट्रक हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने लापरवाही के मामले में सीएसपी को तत्काल हटाने और तीन थाना प्रभारियों समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही हादसे की विस्तृत जांच कराने का आदेश भी दिया गया है।
तीन थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिन पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें तीन थाना प्रभारी, एक यातायात निरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक और तीन आरक्षक शामिल हैं। सीएम ने स्पष्ट किया कि जांच के दौरान जिम्मेदारी तय की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और जनसुरक्षा के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने और जरूरी कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं।
मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता
हादसे पर दुख जताते हुए मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायल लोगों को 2-2 लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये दिए जाएंगे। हादसे में घायल सभी लोगों के इलाज का पूरा खर्च भी राज्य सरकार उठाएगी।
पीएम मोदी ने भी किया मुआवजे का ऐलान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ग्वालियर हादसे पर दुख जताया है। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से साझा जानकारी के अनुसार, मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
कैसे हुआ था शीतला माता मंदिर के पास हादसा?
यह हादसा शनिवार देर रात करीब एक बजे चीनौर रोड पर शीतला माता मंदिर के पास हुआ। जानकारी के मुताबिक, धान से भरा ट्रक ढलान पर बेकाबू हो गया। बताया जा रहा है कि ट्रक के ब्रेक फेल होने के बाद वह श्रद्धालुओं की भीड़ में घुस गया और मंदिर के गेट से टकरा गया।
उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए कतार में खड़े थे। हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है, जबकि 25 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। घायलों को जयारोग्य अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। इनमें ड्यूटी पर तैनात होमगार्ड के दो जवान भी शामिल हैं।
घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की टीम ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। क्रेन की मदद से ट्रक हटाकर नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला गया। हादसे के बाद पुलिस की जिम्मेदारी और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के इंतजामों को लेकर सवाल उठे हैं। अब जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि हादसे को रोकने के लिए जरूरी सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।





