रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड में IAS एसोसिएशन ने की SIT गठन की मांग

रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल हत्याकांड में IAS एसोसिएशन ने की SIT गठन की मांग
*भोपाल।* राजधानी भोपाल में 1982 बैच के रिटायर्ड IAS अधिकारी राकेश अग्रवाल की निर्मम हत्या के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। मध्य प्रदेश IAS एसोसिएशन ने इस हत्याकांड को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात की और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की मांग की है।
*अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव के नेतृत्व में मिला प्रतिनिधिमंडल*
जानकारी के अनुसार, आज शाम मुख्यमंत्री निवास पर IAS एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री मोहन यादव से मिला। प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ IAS अधिकारी शामिल थे।
एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं -
1. इस सनसनीखेज हत्याकांड की जांच के लिए वरिष्ठ IPS अधिकारी के नेतृत्व में SIT का गठन किया जाए।
2. मामले में सिर्फ लूट नहीं, बल्कि कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और करोड़ों के लेन-देन के एंगल से भी जांच हो।
3. प्रदेश में अकेले रह रहे रिटायर्ड ब्यूरोक्रेट्स और वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए।
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन को आश्वस्त किया है कि दोषी किसी भी कीमत पर बख्शे नहीं जाएंगे और SIT गठन पर जल्द निर्णय लिया जाएगा। सीएम ने पहले ही DGP को इस मामले की सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं।
*क्या है पूरा मामला?*
गौरतलब है कि 30 सितंबर की सुबह रातीबड़ थाना क्षेत्र के सूरजनगर स्थित बंगले में रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल का शव खून से लथपथ मिला था। धारदार हथियार से गला रेतकर उनकी हत्या की गई थी।
पुलिस जांच में सामने आया है कि हत्या से महज दो दिन पहले, 27 सितंबर को ही पंजाब के नाभा निवासी वरुण कुमार नाम के युवक को केयरटेकर के तौर पर रखा गया था, जो वारदात के बाद से फरार है। वारदात के बाद घर की अलमारियों के लॉक टूटे मिले, जेवरात, नकदी और मृतक का मोबाइल गायब है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ लूट के साथ-साथ कॉन्ट्रैक्ट किलिंग के एंगल पर भी जांच शुरू कर दी है।
राकेश अग्रवाल की पत्नी निशी अग्रवाल के अनुसार, सुबह 5:30 बजे जब उनकी नींद खुली तो उनके कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था। दूसरा नौकर अमर थापा को बुलाकर दरवाजा खुलवाया गया, तब जाकर हत्या का पता चला।
IAS एसोसिएशन का कहना है कि एक विनम्र और कर्मठ अधिकारी की इस तरह हत्या पूरे ब्यूरोक्रेसी के मनोबल पर चोट है, इसलिए इस केस का जल्द और सख्त खुलासा होना जरूरी है।
Abhishek Dubey

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