IPS अधिकारी सुनील मेहता ने मांगा VRS, पुलिस मुख्यालय ने फिलहाल रोका प्रस्ताव

- पारिवारिक परिस्थितियों का दिया हवाला, चार साल पहले लेना चाहते हैं वीआरएस
भोपाल। मध्य प्रदेश कैडर के प्रमोटी आईपीएस अधिकारी सुनील मेहता ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) के लिए आवेदन किया है। हालांकि, उनका आवेदन पिछले करीब एक महीने से पुलिस मुख्यालय में लंबित है। सूत्रों के अनुसार, फिलहाल पुलिस मुख्यालय वीआरएस को मंजूरी देने के पक्ष में नहीं है, जिसके कारण प्रस्ताव आगे नहीं बढ़ पाया है। यदि पुलिस मुख्यालय इस प्रस्ताव को मंजूरी देता है, तो इसे राज्य शासन के माध्यम से केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। केंद्र सरकार की अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद ही सुनील मेहता का वीआरएस प्रभावी हो सकेगा।
फिलहाल इंदौर में हैं डीसीपी
सुनील मेहता वर्तमान में इंदौर में डीसीपी जोन-4 के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने करीब एक माह पहले पुलिस मुख्यालय को वीआरएस के लिए आवेदन भेजा था। इसके बावजूद अब तक उनके आवेदन पर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
पारिवारिक जिम्मेदारियों का दिया हवाला सुनील मेहता का कहना है कि उन्होंने व्यक्तिगत और पारिवारिक कारणों से यह निर्णय लिया है। उनके अनुसार, उनके और उनकी पत्नी दोनों के परिजन गंभीर रूप से बीमार हैं, लेकिन पुलिस सेवा की व्यस्तता के कारण वे उनकी समुचित देखभाल नहीं कर पा रहे हैं। मेहता ने बताया कि इसी कारण उन्होंने अपनी निर्धारित सेवानिवृत्ति से लगभग चार वर्ष पहले वीआरएस का आवेदन दिया है। उनका कहना है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो वे स्वयं पुलिस मुख्यालय जाकर वरिष्ठ अधिकारियों से आवेदन पर शीघ्र फैसला लेने का अनुरोध करेंगे।
वीआरएस की प्रक्रिया क्या है?
आईपीएस अधिकारियों के मामले में वीआरएस की प्रक्रिया बहु-स्तरीय होती है। सबसे पहले आवेदन पुलिस मुख्यालय में परीक्षण के बाद राज्य शासन को भेजा जाता है। राज्य शासन की अनुशंसा मिलने के बाद प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास जाता है। अंतिम मंजूरी केंद्र सरकार द्वारा जारी किए जाने के बाद ही अधिकारी को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति मिलती है।
पहले भी रहे हैं चर्चा में
सुनील मेहता इससे पहले सिवनी जिले के पुलिस अधीक्षक (एसपी) रह चुके हैं। उनके कार्यकाल के दौरान एक व्यापारी के साथ कथित रूप से पुलिस अधिकारियों द्वारा कार में डकैती किए जाने का मामला काफी चर्चाओं में रहा था। इस घटना के बाद सिवनी पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे। हालांकि, वर्तमान में उनका वीआरएस आवेदन पूरी तरह पारिवारिक कारणों से जुड़ा बताया जा रहा है।
अब सबकी नजर पुलिस मुख्यालय के फैसले पर
फिलहाल यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पुलिस मुख्यालय सुनील मेहता के आवेदन पर क्या निर्णय लेता है। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो मामला राज्य शासन के जरिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। वहीं, यदि आवेदन लंबित रहता है तो मेहता स्वयं वरिष्ठ अधिकारियों से मिलकर अपने आवेदन पर जल्द निर्णय लेने का आग्रह करेंगे।





