शाहपुरा ग्राम पंचायत में ₹1.25 करोड़ की वित्तीय अनियमितता, सरपंच पद से पृथक और सचिव निलंबित

जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले की शाहपुरा जनपद पंचायत की एक ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों के नाम पर करीब ₹1.25 करोड़ की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। जांच में बिना काम कराए राशि आहरित किए जाने सहित कई अनियमितताएं सामने आने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है।
मामले में ग्राम पंचायत के सरपंच को पद से पृथक कर दिया गया है, जबकि पंचायत सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
SDM की अध्यक्षता में हुई जांच
मामले की शिकायतों के बाद SDM की अध्यक्षता में विशेष जांच दल गठित किया गया था। जांच समिति ने पंचायत में स्वीकृत निर्माण और विकास कार्यों से संबंधित रिकॉर्ड की जांच की।
जांच के दौरान समिति ने पाया कि कुछ कार्यों के लिए स्वीकृत राशि का कार्य कराए जाने से पहले ही आहरण किया गया। जांच रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितताओं का भी उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की।
पंचायत राज अधिनियम की धारा 40 के तहत सरपंच पर कार्रवाई
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद संबंधित सरपंच के खिलाफ मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम की धारा 40 के तहत कार्रवाई की गई। इसके तहत सरपंच को उसके पद से पृथक कर दिया गया है।
वहीं, ग्राम पंचायत सचिव को मामले में प्रथम दृष्टया जिम्मेदार मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। आगे की कार्रवाई संबंधित विभागीय प्रक्रिया के अनुसार की जाएगी।
जिला पंचायत CEO ने बताया- शिकायतों के बाद हुई जांच
मामले को लेकर जिला पंचायत CEO अभिषेक गहलोत ने बताया कि शाहपुरा जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत में निर्माण कार्यों में वित्तीय अनियमितता और बिना काम कराए राशि आहरित किए जाने की शिकायतें मिली थीं।
उन्होंने बताया कि SDM स्तर पर कराई गई जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद नियमानुसार सरपंच के खिलाफ धारा 40 के तहत कार्रवाई की गई और पंचायत सचिव को निलंबित किया गया।
सरकारी राशि के इस्तेमाल की होगी आगे जांच
प्रशासन की कार्रवाई के बाद अब मामले में सरकारी राशि के वास्तविक उपयोग और संबंधित निर्माण कार्यों की स्थिति की भी जांच महत्वपूर्ण होगी। यदि जांच में राशि के दुरुपयोग या अन्य वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि होती है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
प्रशासन ने कहा है कि पंचायतों में सरकारी राशि के उपयोग में अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।





