Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहना योजना का पोर्टल फिर खुलेगा या नहीं? ग्वालियर हाईकोर्ट में जनहित याचिका

Ladli Behna Yojana: लाड़ली बहना योजना का पोर्टल फिर खुलेगा या नहीं? ग्वालियर हाईकोर्ट में जनहित याचिका
ग्वालियर। मध्य प्रदेश की लाड़ली बहना योजना का पोर्टल नए नाम जोड़ने के लिए दोबारा खुलेगा या नहीं, इसे लेकर असमंजस बना हुआ है। इस बीच ग्वालियर हाईकोर्ट में योजना से जुड़े मुद्दों को लेकर पूर्व पार्षद सुधा दुबे ने जनहित याचिका दायर की है। उनका कहना है कि सरकार को योजना पर होने वाले खर्च, इसके क्रियान्वयन और महिलाओं को मिल रहे लाभ के बारे में स्पष्ट जानकारी देनी चाहिए।
योजना के खर्च और लाभार्थियों का हिसाब मांगा
पूर्व पार्षद सुधा दुबे के मुताबिक, सरकार को बताना चाहिए कि लाड़ली बहना योजना के संचालन पर कितना आर्थिक बोझ पड़ रहा है और इसके लिए धन की व्यवस्था किस तरह की जा रही है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि योजना का उद्देश्य महिलाओं का सशक्तिकरण है, तो सरकार यह स्पष्ट करे कि अब तक कितनी महिलाएं इससे सशक्त हुई हैं और इसे मापने के लिए क्या मानक तय किए गए हैं।
सुधा दुबे ने योजना के पोर्टल को लेकर मंत्रियों के अलग-अलग बयानों पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि एक ओर पोर्टल दोबारा खोलने की बात कही जा रही है, जबकि दूसरी ओर इसे खोलने का कोई प्रस्ताव नहीं होने की जानकारी दी जा रही है। ऐसे में सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
पोर्टल खोलने पर मंत्रियों के अलग-अलग बयान
प्रदेश के स्वास्थ्य राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा था कि लाड़ली बहना योजना में छूट गई महिलाओं के नाम जोड़ने के लिए भविष्य में पोर्टल फिर खोला जा सकता है। उनके अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने योजना से छूटी महिलाओं की संख्या का आकलन करने के निर्देश दिए हैं, ताकि पात्र महिलाओं के नाम जोड़ने पर निर्णय लिया जा सके।
वहीं, महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि फिलहाल विभाग के पास पोर्टल खोलने का कोई प्रस्ताव नहीं है। दोनों मंत्रियों के बयानों के बाद योजना से वंचित रह गई महिलाओं के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है।
किन महिलाओं को मिलता है लाड़ली बहना योजना का लाभ?
लाड़ली बहना योजना के तहत मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी पात्र महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें विवाहित महिलाओं के साथ विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं भी शामिल हैं। सामान्य आयु संबंधी पात्रता के अनुसार, आवेदन के कैलेंडर वर्ष की 1 जनवरी को महिला की उम्र 21 वर्ष पूरी होनी चाहिए और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। लाभ अन्य निर्धारित शर्तों और लागू नियमों के आधार पर दिया जाता है।
जून 2023 में शुरू हुई थी योजना
लाड़ली बहना योजना की शुरुआत जून 2023 में हुई थी। 10 जून 2023 को पहली किस्त के रूप में पात्र महिलाओं के खातों में 1,000 रुपये भेजे गए थे। बाद में सितंबर 2023 में मासिक सहायता बढ़ाकर 1,250 रुपये की गई। दी गई जानकारी के अनुसार, नवंबर 2025 में राशि बढ़ाकर 1,500 रुपये कर दी गई थी।
योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना, उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार करना तथा परिवार के निर्णयों में उनकी भागीदारी बढ़ाना है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए योजना के तहत 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित होने की जानकारी भी दी गई है।
अब इस मामले में अहम सवाल यह है कि योजना से छूट गई पात्र महिलाओं के नाम जोड़ने के लिए पोर्टल दोबारा खुलेगा या नहीं। साथ ही, जनहित याचिका में उठाए गए सवालों पर सरकार और अदालत का क्या रुख रहता है, इस पर भी नजर रहेगी।
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