नीला ड्रम केस: मेरठ में मुस्कान-साहिल दोषी करार, सजा पर फैसला सुरक्षित; 22 गवाहों के बयान हुए दर्ज

नीला ड्रम केस: मेरठ में मुस्कान-साहिल दोषी करार, सजा पर फैसला सुरक्षित; 22 गवाहों के बयान हुए दर्ज
मेरठ। चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में मेरठ की जिला अदालत ने बुधवार, 30 सितंबर को मुस्कान रस्तौगी और साहिल शुक्ला को दोषी करार दिया। जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत ने करीब 13 महीने चली सुनवाई के बाद दोनों को हत्या के मामले में दोषी माना। अब अदालत सजा के बिंदु पर सुनवाई करेगी। सजा का फैसला फिलहाल सुरक्षित रखा गया है।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई पेशी
सुरक्षा कारणों के चलते मुस्कान रस्तौगी और साहिल शुक्ला को बुधवार को अदालत में प्रत्यक्ष रूप से पेश नहीं किया गया। दोनों की जिला जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी कराई गई और इसी माध्यम से अदालत की कार्यवाही में शामिल किया गया।
22 गवाहों के बयान, करीब 125 तारीखें
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस भी पूरी हो चुकी थी। डीजीसी कृष्ण कुमार चौबे के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन जिला जज ने प्रतिदिन सुनवाई के आदेश दिए थे। इस दौरान मामले में करीब 125 तारीखें लगीं।
परिजनों ने की थी कड़ी सजा की मांग
अदालत के फैसले से पहले सौरभ राजपूत के परिजनों ने आरोपियों के लिए कड़ी सजा की मांग की थी। सौरभ के बड़े भाई राहुल ने कहा था कि परिवार आरोपियों के लिए फांसी से कम सजा नहीं चाहता।
सौरभ की मां रेनू देवी ने भी न्याय व्यवस्था और प्रशासन से न्याय की उम्मीद जताई थी। उनका कहना था कि मामले में दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
18 मार्च 2025 को दर्ज हुई थी रिपोर्ट
सौरभ राजपूत के भाई बबलू ने 18 मार्च 2025 को ब्रह्मपुरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, सौरभ ने वर्ष 2016 में मुस्कान रस्तौगी से प्रेम विवाह किया था। शिकायत में मुस्कान और साहिल शुक्ला के बीच संबंध होने और सौरभ को उनसे खतरा होने की बात कही गई थी।
सौरभ 5 मार्च 2025 से लापता था। वह जिस मकान में किराए पर रहता था, वहां ताला लगा मिला था और मुस्कान भी वहां मौजूद नहीं थी। इसके बाद परिवार ने उसकी तलाश शुरू की और हत्या की आशंका जताई।
नीले ड्रम से मिले थे शव के टुकड़े
पुलिस ने 18 मार्च 2025 को मामले का खुलासा करने का दावा किया था। पुलिस के मुताबिक, 3 मार्च की रात मुस्कान और साहिल ने सौरभ की हत्या की थी। पुलिस ने दावा किया था कि हत्या के बाद शव के टुकड़े किए गए और उन्हें नीले ड्रम में रखा गया।
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद दोनों आरोपी 5 मार्च को शिमला-मनाली चले गए थे और 17 मार्च को मेरठ लौटे थे। इसके बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था।
अब अदालत द्वारा दोनों को दोषी करार दिए जाने के बाद अगली सुनवाई सजा के बिंदु पर होगी।
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