MP Police DSP Passing Out Parade: CM मोहन यादव की अफसरों को नसीहत, बोले- रील नहीं रियल समस्याएं सुलझाएं, 2029 तक नशामुक्त मध्यप्रदेश का लक्ष्य

MP Police DSP Passing Out Parade: CM मोहन यादव की अफसरों को नसीहत, बोले- रील नहीं रियल समस्याएं सुलझाएं, 2029 तक नशामुक्त मध्यप्रदेश का लक्ष्य
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए पुलिस अधिकारियों को सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के बजाय जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान करने की नसीहत दी है। मंगलवार को भोपाल की भौंरी पुलिस अकादमी में आयोजित 48 प्रशिक्षु डीएसपी की पासिंग आउट परेड में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अधिकारियों को रील बनाने से ज्यादा रियल समस्याएं सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस का असली काम जनता की सुरक्षा और समस्याओं का समाधान करना है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं, बच्चों, गरीबों और कमजोर वर्गों की मदद करने के साथ ही ड्रग्स माफिया, जहरीली शराब के कारोबार और अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
सीएम बोले- रील बनाने से ज्यादा रियल समस्याएं सुलझाने में समय लगाएं
भौंरी पुलिस अकादमी में पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रशिक्षु डीएसपी को पुलिस सेवा की जिम्मेदारियों का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया का दौर है, लेकिन पुलिस के सामने सोशल मीडिया से कहीं अधिक सामाजिक समस्याएं हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा, "रील बनाने से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सुलझाने में आपकी हर क्षण की कीमत होनी चाहिए।"उन्होंने अधिकारियों को समझाया कि लोकप्रियता हासिल करने के बजाय जनता की समस्याओं का समाधान करना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए।
सीएम ने कहा कि पुलिस अधिकारी ऐसे बनें, जिनका समाज के सभी वर्गों में समान रूप से सम्मान हो। उनका व्यवहार और कार्यशैली ऐसी होनी चाहिए कि आम नागरिक बिना किसी डर के अपनी समस्या लेकर उनके पास पहुंच सके।
महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए देवदूत की तरह काम करें पुलिस अधिकारी
मुख्यमंत्री ने नए पुलिस अधिकारियों से कहा कि वे अपनी जिम्मेदारी केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित न रखें।
महिलाओं, बच्चों, गरीबों और कमजोर वर्गों की सुरक्षा तथा सहायता को विशेष प्राथमिकता दें।
उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी जरूरतमंद लोगों के लिए देवदूत की तरह काम करें। किसी भी पीड़ित व्यक्ति को न्याय और सहायता दिलाने में संवेदनशीलता दिखाएं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस अधिकारियों की वास्तविक पहचान उनके काम और जनता के प्रति व्यवहार से बननी चाहिए, न कि सोशल मीडिया पर उनकी सक्रियता से।
डाकुओं और नक्सलवाद के बाद अब ड्रग्स माफिया के खिलाफ लड़ाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने अपने इतिहास में कई बड़ी चुनौतियों का सामना किया है।
प्रदेश में डाकुओं और नक्सलवाद जैसी समस्याओं से निपटने में पुलिस ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अब पुलिस के सामने नशे का बढ़ता कारोबार और ड्रग्स माफिया बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर निर्णायक कार्रवाई करने की जरूरत है।उन्होंने वर्ष 2029 तक प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लक्ष्य में पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई।सीएम ने जहरीली शराब के अवैध कारोबार और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क पर भी सख्ती से कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
पुलिस विभाग में 17,710 भर्तियां, चार हजार और पदों पर होगी नियुक्ति
मुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग में भर्ती और संसाधनों के विस्तार की जानकारी भी दी।
उन्होंने बताया कि पिछले पौने तीन साल में पुलिस विभाग के 17,710 पदों पर भर्ती की गई है।
इसके अलावा आने वाले समय में करीब चार हजार और पदों पर भर्ती करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पुलिस बल को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। नए अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति से प्रदेश की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
भौंरी पुलिस अकादमी को मिलेंगी नई सुविधाएं
मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए भौंरी पुलिस अकादमी में नई सुविधाएं विकसित करने की घोषणा की।
उन्होंने अकादमी परिसर में 33 केवी विद्युत सब स्टेशन स्थापित करने, एक किलोमीटर सड़क निर्माण और करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से ऑडिटोरियम बनाने की घोषणा की। इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों के प्रशिक्षण और अकादमी के बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
देवास के टीआई दिलीप पुरी को मिलेगा शहीद का दर्जा
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने देवास जिले में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले थाना प्रभारी दिलीप पुरी का भी उल्लेख किया।
उन्होंने बताया कि टीआई दिलीप पुरी को शहीद का दर्जा देने का निर्णय लिया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके परिवार को सेवा शर्तों के अनुसार नियुक्ति और अन्य आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
उन्होंने पुलिसकर्मियों की सुरक्षा को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया।सीएम ने कहा कि सरकारी कार्य में बाधा डालने, पुलिसकर्मियों पर हमला करने या हिंसक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
रिटायर्ड IAS की हत्या के मामले का भी किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने भोपाल में एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी की हत्या के मामले का उल्लेख करते हुए पुलिस कार्रवाई की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि संबंधित अपराध के आरोपी के खिलाफ पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान सख्त कार्रवाई की है।मुख्यमंत्री ने अपराधियों के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करने की बात कही।
भोपाल की पदयात्रा में शामिल होंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान भाजपा के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान का भी जिक्र किया।उन्होंने कहा कि अभियान के तहत जबलपुर और इंदौर में पदयात्रा के कार्यक्रम हो चुके हैं।अब भोपाल में आयोजित होने वाली पदयात्रा में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शामिल होंगे और इसका नेतृत्व करेंगे।मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता की ओर से राजनाथ सिंह का स्वागत करने की बात कही।
डीजीपी बोले- 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने का संकल्प
कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने भी नए पुलिस अधिकारियों को संबोधित किया।उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी के बीच नशे का बढ़ता चलन प्रदेश की सबसे बड़ी चुनौतियों में शामिल है।डीजीपी ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस ने नशे के खिलाफ 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान चलाया है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्ष 2029 तक मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया है।
इस लक्ष्य को पूरा करने में नए पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
साइबर अपराध से निपटने के लिए पुलिस बढ़ाएगी तकनीकी क्षमता
डीजीपी कैलाश मकवाना ने साइबर अपराध को भी पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बताया।उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध के तरीके भी बदल रहे हैं।इससे निपटने के लिए पुलिस विभाग ने जनजागरूकता के उद्देश्य से 'सेफ क्लिक' अभियान शुरू किया है।
उन्होंने साइबर थानों, साइबर हेल्प डेस्क, साइबर फॉरेंसिक सुविधाओं और साइबर हेल्पलाइन के विस्तार पर जोर दिया।
डीजीपी ने कहा कि इन सुविधाओं से आम नागरिकों को साइबर अपराध से संबंधित शिकायतों के समाधान में मदद मिलेगी।
48 डीएसपी ने पूरा किया प्रशिक्षण, 20 महिला अधिकारी शामिल
डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2014 से डीएसपी स्तर के अधिकारियों को भौंरी पुलिस अकादमी में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस बार कुल 48 अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा किया है। इनमें 20 महिला अधिकारी शामिल हैं।
विशेष बात यह है कि पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी स्तर के अधिकारियों को भी अकादमी में प्रशिक्षण दिया गया है।प्रशिक्षण पूरा करने वाले अधिकारियों में 22 इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं।
डीजीपी ने कहा कि तकनीकी शिक्षा प्राप्त अधिकारी पुलिस की आधुनिक तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने और साइबर अपराध से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पासिंग आउट परेड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परेड की सलामी ली। इस दौरान पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, एडीजी ट्रेनिंग रवि गुप्ता सहित पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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