MP सरकार दशहरे से पहले लेगी 4500 करोड़ का कर्ज RBI के जरिए 19 अक्टूबर को होगी नीलामी

MP सरकार दशहरे से पहले लेगी 4500 करोड़ का कर्ज RBI के जरिए 19 अक्टूबर को होगी नीलामी
MP NEWS: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार दशहरे से पहले बाजार से 4500 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है। इसके लिए सरकार ने 1000 करोड़, 2000 करोड़ और 1500 करोड़ रुपये के तीन अलग-अलग ऋणों की अधिसूचनाएं जारी की हैं। इनकी नीलामी 19 अक्टूबर 2026 को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुंबई कार्यालय में ई-कुबेर प्रणाली के माध्यम से होगी।
सरकार यह कर्ज 4 साल, 12 साल और 22 साल की अवधि के लिए लेगी। इसमें चार साल के लिए नया ऋण, 12 साल की अवधि वाली पहले जारी सरकारी प्रतिभूतियों का दोबारा निर्गम और 22 साल की अवधि वाला ऋण शामिल है।
चार साल के लिए 1000 करोड़ रुपये का कर्ज
राज्य सरकार चार साल की अवधि के लिए 1000 करोड़ रुपये जुटाएगी। इस ऋण पर ब्याज दर नीलामी के दौरान तय होगी। सफल बोलीदाताओं को 21 अक्टूबर 2026 को भुगतान करना होगा, जबकि मूल राशि 21 अक्टूबर 2030 को चुकाई जाएगी।
12 साल के लिए 2000 करोड़ रुपये
सरकार 7.58 प्रतिशत सालाना ब्याज दर वाली मध्य प्रदेश सरकारी प्रतिभूतियों को दोबारा जारी करके 2000 करोड़ रुपये जुटाएगी। ये प्रतिभूतियां 22 जुलाई 2026 को जारी की गई थीं। इस ऋण पर ब्याज का भुगतान हर साल 22 जनवरी और 22 जुलाई को होगा। मूल राशि 22 जुलाई 2038 को चुकाई जाएगी।
22 साल के लिए 1500 करोड़ रुपये
सरकार 22 साल की अवधि के लिए 1500 करोड़ रुपये का ऋण भी लेगी। इस पर 7.66 प्रतिशत सालाना ब्याज दर तय है। ब्याज का भुगतान हर साल 19 फरवरी और 19 अगस्त को किया जाएगा। इस ऋण की मूल राशि 19 अगस्त 2048 को चुकानी होगी।
विकास परियोजनाओं पर खर्च होगी कर्ज की राशि
सरकार ने अधिसूचनाओं में कहा है कि कर्ज से मिलने वाली राशि का इस्तेमाल प्रदेश में उत्पादक विकास कार्यक्रमों और परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य की वार्षिक उधारी सीमा करीब 87 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। वहीं, पहले नौ महीनों के लिए 58,274 करोड़ रुपये की बाजार ऋण सीमा स्वीकृत होने की जानकारी दी गई है।
6 अक्टूबर को भी लिया था 3000 करोड़ का कर्ज
इससे पहले 6 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश सरकार ने 3000 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। यह राशि 1000-1000 करोड़ रुपये की तीन किस्तों में जुटाई गई थी। उस समय सरकार ने कहा था कि इस रकम का इस्तेमाल पूंजीगत परिसंपत्तियों के निर्माण और विकास कार्यों में किया जाएगा। सरकार के अनुसार, उस कर्ज का उपयोग वेतन, पेंशन, प्रशासनिक खर्च या लाड़ली बहना योजना के भुगतान के लिए नहीं किया जाएगा।
दूसरी ओर, लाड़ली बहना योजना में दोबारा पंजीयन शुरू होने को लेकर दावे और प्रतिदावे सामने आ रहे हैं। हालांकि, जारी अधिसूचनाओं के अनुसार, 4500 करोड़ रुपये के नए कर्ज का घोषित उद्देश्य विकास कार्यक्रमों और परियोजनाओं को वित्तपोषित करना है।
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