MP Power Crisis: मध्य प्रदेश में बिजली संकट दूर करने के लिए सरकार के कदम, 2-3 दिन में सप्लाई सामान्य होने का दावा

MP Power Crisis: मध्य प्रदेश में बिजली संकट दूर करने के लिए सरकार के कदम, 2-3 दिन में सप्लाई सामान्य होने का दावा
भोपाल। मध्य प्रदेश में बिजली की बढ़ती मांग के बीच आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है। इससे निपटने के लिए राज्य सरकार और ऊर्जा विभाग ने अतिरिक्त बिजली उत्पादन शुरू करने के साथ बिजली खरीदने की तैयारी भी की है। सरकार का दावा है कि अगले 2 से 3 दिनों में बिजली आपूर्ति सामान्य हो सकती है। अधिकारियों के मुताबिक, इस बार बिजली की अधिकतम मांग पिछले साल की तुलना में काफी बढ़ गई है, जिससे व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ा है।
पिछले साल के मुकाबले बिजली की मांग में 44% बढ़ोतरी
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में बिजली की अधिकतम मांग बढ़कर 17,124 मेगावाट तक पहुंच गई, जबकि पिछले साल यह 11,874 मेगावाट थी। इस तरह मांग में करीब 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
कृषि क्षेत्र में भी बिजली की जरूरत तेजी से बढ़ी है। पिछले साल जहां कृषि क्षेत्र की मांग 1,752 मेगावाट थी, वहीं इस बार यह बढ़कर 3,701 मेगावाट बताई गई है।
बारिश में देरी और सिंचाई से बढ़ा बिजली का लोड
अधिकारियों के मुताबिक, इस बार मानसून के दौरान बारिश में देरी होने से धान की सिंचाई अक्टूबर तक जारी रही। वहीं, मालवा-निमाड़ क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण किसानों को रबी फसलों की बुआई से पहले खेतों में पलेवा करना पड़ा।
सिंचाई के लिए बिजली की जरूरत बढ़ने से अचानक मांग में इजाफा हुआ। इसी वजह से बिजली आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की बात कही जा रही है।
बिजली संकट से निपटने के लिए उत्पादन बढ़ाया
बिजली की उपलब्धता बढ़ाने के लिए सरकार ने जल विद्युत और ताप विद्युत परियोजनाओं से अतिरिक्त उत्पादन शुरू करने की जानकारी दी है।
- सरदार सरोवर परियोजना: 800 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू किए जाने का दावा।
- मणिखेड़ा और गांधी सागर बांध: दोनों परियोजनाओं से कुल 101 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू होने की जानकारी।
- सिंगाजी पावर प्लांट: 600 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन शुरू किए जाने की बात कही गई है।
सरकार को उम्मीद है कि इन उपायों से प्रदेश में बिजली की उपलब्धता बढ़ेगी और आपूर्ति पर बना दबाव कम होगा।
नवंबर से फरवरी तक बिजली खरीदने की तैयारी
आने वाले महीनों में बिजली की मांग को देखते हुए नवंबर से फरवरी के बीच 300 से 800 मेगावाट तक बिजली खरीदने के लिए टेंडर भी बुलाए गए हैं। इसका उद्देश्य सर्दियों और रबी फसलों की सिंचाई के दौरान संभावित अतिरिक्त मांग को पूरा करना है।
फिलहाल, सरकार ने अगले 2 से 3 दिनों में बिजली आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद जताई है। अब यह देखना होगा कि अतिरिक्त उत्पादन और बिजली खरीद की योजनाओं से प्रदेश में जारी परेशानी कितनी जल्दी दूर होती है।
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