MP News: बिजली संकट पर जीतू पटवारी का ज्योतिरादित्य सिंधिया पर तंज, बोले- गांवों में छाया अंधेरा

भोपाल। मध्य प्रदेश में बिजली संकट और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर सियासत तेज हो गई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने राज्य सरकार और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधते हुए ग्रामीण इलाकों में बिजली आपूर्ति की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कई जगह लोगों को भारी-भरकम बिजली बिलों का सामना करना पड़ रहा है, जबकि गांवों में बिजली कटौती से परेशानी बनी हुई है।
सिंधिया के महल के बिजली बिल को लेकर तंज
जीतू पटवारी ने दावा किया कि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के महल का बिजली बिल गरीबों की झोपड़ियों के बिल से भी कम आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम लोगों को हजारों और लाखों रुपये तक के बिजली बिल मिल रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें नियमित बिजली नहीं मिल पा रही है।
पटवारी के इस बयान के जरिए कांग्रेस ने बिजली बिलों और आपूर्ति के मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश की है। हालांकि, सिंधिया के महल के बिजली बिल को लेकर किए गए दावे की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी में नहीं दी गई है।
ऊर्जा मंत्री को लेकर भी उठाए सवाल
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ऊर्जा मंत्री की भूमिका पर भी सवाल उठाए। पटवारी ने तंज कसते हुए कहा कि मंत्री लंबे समय से जनता के बीच दिखाई नहीं दे रहे हैं और लोग उन्हें तलाश रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि गांवों में बिजली कटौती के कारण आम लोगों के साथ-साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी असहज स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
दिल्ली मेट्रो को बिजली बेचने पर कांग्रेस का सवाल
जीतू पटवारी ने राज्य में बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मध्य प्रदेश से दिल्ली मेट्रो को बिजली बेची जा रही है, तो प्रदेश के ग्रामीण इलाकों और किसानों को पर्याप्त बिजली क्यों नहीं मिल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई गांवों में लंबे समय तक बिजली नहीं रहती, जिससे ग्रामीणों और किसानों को परेशानी होती है। कांग्रेस ने बिजली आपूर्ति, बिलों और ऊर्जा विभाग की जवाबदेही को लेकर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है।
बिजली संकट और बिलों को लेकर पटवारी के आरोपों के बीच अब यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया है। इन आरोपों पर सरकार और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने पर मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी।





