MP में 34.25 लाख मतदाता नाम हटने पर कांग्रेस का आंदोलन, सोमवार को निर्वाचन सदन घेरेगी

भोपाल। मध्य प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) को लेकर कांग्रेस ने आंदोलन तेज करने का ऐलान किया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा है कि कांग्रेस सोमवार को भोपाल स्थित निर्वाचन सदन का घेराव करेगी। इसके बाद प्रदेश के सभी जिलों में जिला निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालयों पर भी प्रदर्शन किया जाएगा।
कांग्रेस अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए 34 लाख 25 हजार 78 नामों का विधानसभा, जिला और कारणवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग कर रही है। साथ ही पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही है।
अंतिम सूची में 34.25 लाख नाम हटे
निर्वाचन आयोग द्वारा 21 फरवरी 2026 को जारी अंतिम मतदाता सूची के अनुसार SIR से पहले मध्य प्रदेश में 5,74,06,143 मतदाता दर्ज थे। ड्राफ्ट सूची में यह संख्या घटकर 5,31,31,983 रह गई थी। अंतिम सूची में कुल 5,39,81,065 मतदाता दर्ज किए गए।
आयोग के आंकड़ों के अनुसार अंतिम प्रक्रिया में 34,25,078 नाम हटाए गए। वहीं ड्राफ्ट सूची के मुकाबले अंतिम सूची में 8,49,082 मतदाताओं की शुद्ध वृद्धि हुई। आयोग के अनुसार नाम हटाए जाने के कारणों में अनुपस्थिति, मृत्यु, स्थानांतरण और डुप्लीकेट पंजीकरण शामिल थे।
ड्राफ्ट सूची में 42.74 लाख नाम बाहर हुए थे
SIR की ड्राफ्ट मतदाता सूची 23 दिसंबर 2025 को जारी हुई थी। उस समय 42,74,160 नाम ड्राफ्ट सूची से बाहर थे।
उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इनमें करीब 31.51 लाख मतदाता स्थानांतरित या अनुपस्थित, करीब 8.46 लाख मृत और करीब 2.77 लाख मतदाता डुप्लीकेट पाए गए थे। ड्राफ्ट सूची के बाद इन नामों को लेकर दावे और आपत्तियां आमंत्रित की गईं और अंतिम सूची में आंकड़ा बदल गया।
7.17 लाख नाम जोड़ने के आवेदन का भी मुद्दा
कांग्रेस ने दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान प्राप्त आवेदनों को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पार्टी के मुताबिक करीब 7.17 लाख लोगों ने मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए आवेदन किया था, जबकि करीब 83 हजार नाम हटाने से संबंधित आपत्तियां प्राप्त हुई थीं।
पटवारी ने मांग की है कि यह बताया जाए कि नाम जोड़ने के लिए आए कितने आवेदन स्वीकार किए गए और कितने खारिज हुए। साथ ही नाम बहाली से संबंधित आवेदनों के निपटारे का कारणवार विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई है।
Form-6 में SIR से जुड़े बदलाव पर सवाल
कांग्रेस ने नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए इस्तेमाल होने वाले Form-6 में SIR से संबंधित जानकारी जोड़े जाने पर भी सवाल उठाए हैं।
23 सितंबर को प्रकाशित Indian Express की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने Form-6 में किए गए बदलाव पर आपत्ति दर्ज की थी। रिपोर्ट के अनुसार नए प्रावधान में आवेदक से उसके या उसके माता-पिता/दादा-दादी के पिछले SIR की मतदाता सूची में दर्ज होने से संबंधित जानकारी मांगी गई। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि दोनों चुनाव आयुक्तों ने नियमों में बदलाव किए बिना Form-6 में परिवर्तन किए जाने पर आपत्ति जताई थी।
कांग्रेस ने इसी रिपोर्ट का हवाला देते हुए निर्वाचन आयोग से पूछा है कि Form-6 में बदलाव किस प्रक्रिया और कानूनी प्रावधान के तहत किया गया।
10 महीने में 14 लिखित आपत्तियों का दावा
कांग्रेस ने Indian Express की 23 सितंबर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कीं।
रिपोर्ट के अनुसार इन आपत्तियों का संबंध नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता नामों को हटाने और बहाल करने, Form-6 तथा मतदाता सूची के डिजिटल सिस्टम से जुड़े मुद्दों से था।
हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि ये मीडिया रिपोर्ट में सामने आए आंतरिक रिकॉर्ड और चुनाव आयुक्तों की आपत्तियां हैं। इनसे अपने आप यह निष्कर्ष नहीं निकलता कि मध्य प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में हुई सभी विलोपन प्रक्रियाएं अवैध थीं।
कांग्रेस की प्रमुख मांगें क्या हैं?
कांग्रेस ने अंतिम मतदाता सूची से हटाए गए 34.25 लाख नामों का:
- विधानसभा वार विवरण
- जिला वार विवरण
- नाम हटाने का कारण
- ड्राफ्ट सूची से बाहर हुए नामों में से वापस जोड़े गए नामों की संख्या
- नाम बहाली के आवेदनों की स्वीकृति और अस्वीकृति का कारणवार विवरण
सार्वजनिक करने की मांग की है।
इसके अलावा कांग्रेस ने मतदाता सूची के डिजिटल सिस्टम में ERO और BLO की भूमिका तथा डिजिटल रिकॉर्ड के ऑडिट ट्रेल को भी सार्वजनिक करने की मांग उठाई है।
सोमवार को निर्वाचन सदन का घेराव
जीतू पटवारी के अनुसार कांग्रेस सोमवार को भोपाल स्थित निर्वाचन सदन का घेराव करेगी। इसके बाद जिला स्तर पर जिला निर्वाचन अधिकारियों के कार्यालयों के बाहर भी आंदोलन किया जाएगा।
पटवारी ने कहा है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा। यह कांग्रेस की राजनीतिक मांग है; इसे निर्वाचन आयोग या किसी न्यायिक संस्था द्वारा स्थापित निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता।
चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया पर भी सवाल
पटवारी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर भी केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उनका मुद्दा 2023 के कानून में बनी चयन समिति से जुड़ा है।
वर्तमान कानून के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं और इसके लिए चयन समिति में प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और प्रधानमंत्री द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते हैं। इस व्यवस्था में भारत के मुख्य न्यायाधीश चयन समिति के सदस्य नहीं हैं।
कांग्रेस इस व्यवस्था में बदलाव का विरोध करती रही है और पटवारी ने इसे लेकर भी सवाल उठाए हैं।
अब आगे क्या?
मध्य प्रदेश में SIR की अंतिम मतदाता सूची फरवरी 2026 में जारी हो चुकी है। अब कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवाल मुख्य रूप से 34.25 लाख हटाए गए नामों के विस्तृत डेटा, दावे-आपत्तियों के निपटारे, Form-6 में बदलाव और निर्वाचन आयोग के आंतरिक निर्णयों से जुड़े हैं।
दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग द्वारा जारी अंतिम आंकड़ों में नाम हटाने के कारणों के रूप में अनुपस्थिति, मृत्यु, स्थानांतरण और डुप्लीकेट पंजीकरण दर्ज किए गए हैं। इसलिए कांग्रेस की मांगों और आयोग के रिकॉर्ड के बीच उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आगे की तस्वीर स्पष्ट होगी।





