RSS Meeting Indore: जेन-जी को देशविरोधी न समझें, मुद्दे उठाना युवाओं का अधिकार, दत्तात्रेय होसबाले बोले- आरक्षण पर राजनीति नहीं होनी चाहिए

इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने युवा पीढ़ी, सोशल मीडिया के दुरुपयोग, आरक्षण, नक्सलवाद और संगठनात्मक विस्तार सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपना रुख स्पष्ट किया है। इंदौर में आयोजित अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक में इन मुद्दों पर विस्तार से मंथन किया गया। संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि जेन-जी यानी युवा पीढ़ी को अपनी बात रखने और समस्याएं उठाने का पूरा अधिकार है। केवल व्यवस्था के खिलाफ आवाज उठाने के कारण युवाओं को देशविरोधी नहीं समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं की नाराजगी का राजनीतिक इस्तेमाल करने के बजाय उनसे सकारात्मक संवाद कर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए।
जेन-जी को देशविरोधी समझना गलत
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि युवा पीढ़ी में व्यवस्था के प्रति विरोध का भाव होना स्वाभाविक है। युवाओं को अपनी समस्याएं उठाने और विचार व्यक्त करने का अधिकार है।
उन्होंने कहा कि केवल सवाल उठाने या व्यवस्था से असहमति जताने के आधार पर किसी युवा को देशविरोधी नहीं माना जाना चाहिए।
हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अराजक शक्तियों द्वारा युवाओं को भड़काकर समाज में अशांति और हिंसा फैलाना गलत है।
होसबाले के अनुसार, युवा पीढ़ी की भावनाओं और समस्याओं को समझने की जरूरत है। उनकी नाराजगी का राजनीतिक लाभ उठाने के बजाय सकारात्मक बातचीत के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए।
सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर कानून पर्याप्त नहीं
सोशल मीडिया के बढ़ते दुरुपयोग को लेकर भी संघ ने चिंता जताई है।
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि केवल कानून बनाकर सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकना आसान नहीं है।
उन्होंने देश में टिकटॉक पर लगाए गए प्रतिबंध का उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह की रोक पूरी तरह प्रभावी साबित नहीं हुई।
होसबाले ने बताया कि दुनिया के कई देशों में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को नियंत्रित करने के लिए नियम बनाए जा रहे हैं। भारत में भी इस संबंध में मांग उठ रही है।
हालांकि संघ का मानना है कि सोशल मीडिया के गलत इस्तेमाल को रोकने में परिवार की भूमिका अधिक महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि पारिवारिक मूल्यों, संस्कारों और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना के माध्यम से इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है।
आरक्षण को राजनीति से नहीं जोड़ना चाहिए
आरक्षण के मुद्दे पर दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि इसे राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आरक्षण एक व्यवस्था है और जिन वर्गों को इसकी आवश्यकता है, उन्हें इसका लाभ मिलना चाहिए।
होसबाले के अनुसार, आरक्षण के विषय को राजनीतिक लाभ-हानि के नजरिए से देखने के बजाय उसके सामाजिक उद्देश्य को समझना जरूरी है।
संघ ने संगठन की क्षेत्रीय व्यवस्था में किया बड़ा बदलाव
इंदौर में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संगठनात्मक संरचना में महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया गया।
संघ ने संगठन संचालन की मौजूदा क्षेत्रीय व्यवस्था समाप्त करने का फैसला किया है।
नई व्यवस्था के तहत देशभर में 47 प्रांतों के स्थान पर 88 संभाग बनाए जाएंगे।
संगठन के पदों पर नियुक्तियां भी अब संभाग स्तर पर की जाएंगी।
संघ का मानना है कि नई व्यवस्था से संगठनात्मक गतिविधियों का संचालन और समन्वय बेहतर तरीके से किया जा सकेगा।
एक लाख नए स्थानों पर शाखाएं शुरू करने की तैयारी
दत्तात्रेय होसबाले ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देशभर में एक लाख नए स्थानों पर अपनी गतिविधियां शुरू करने की योजना बना रहा है।
इन स्थानों पर दैनिक शाखाओं के अलावा साप्ताहिक और पाक्षिक मिलन भी आयोजित किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान वर्ष में देशभर में संघ की 99 हजार 423 दैनिक शाखाएं संचालित हो रही हैं।
इसके अलावा साप्ताहिक मिलनों की संख्या लगभग 34 हजार और मासिक मिलनों की संख्या 14 हजार से अधिक है।
संघ के अनुसार, देशभर में एक लाख तीन हजार से अधिक स्थानों पर शाखाओं और मिलन कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है।
शताब्दी वर्ष में 65 हजार से ज्यादा हिंदू सम्मेलन
संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए होसबाले ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में 65 हजार से अधिक हिंदू सम्मेलन आयोजित किए गए।
इन सम्मेलनों में लगभग पांच करोड़ लोगों की सहभागिता रही।
इसके अलावा युवाओं को जोड़ने के उद्देश्य से 50 हजार से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।
संघ ने विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक नेतृत्व की भूमिका निभाने वाले लोगों के साथ भी संवाद कार्यक्रम आयोजित किए।
इन आयोजनों के माध्यम से सामाजिक संपर्क और संगठनात्मक गतिविधियों का विस्तार करने पर जोर दिया गया।
एसआईआर पर बोले- जहां निवास हो वहीं मतदाता सूची में नाम होना चाहिए
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर भी दत्तात्रेय होसबाले ने संघ का पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि किसी भी मतदाता का नाम उसी स्थान की मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए, जहां वह वास्तव में निवास करता है।
होसबाले ने कहा कि गैर-नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल होना देश की सुरक्षा की दृष्टि से उचित नहीं है।
उन्होंने मतदाता सूची की शुद्धता और पात्र नागरिकों के नाम सही स्थान पर दर्ज होने की आवश्यकता पर जोर दिया।
भारत की सीमाओं तक ही रहेगा संघ का कार्यक्षेत्र
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अंतरराष्ट्रीय विस्तार को लेकर भी होसबाले ने स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में संघ के स्वयंसेवक मौजूद हैं, लेकिन संघ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने संगठन का विस्तार नहीं करेगा।
होसबाले के अनुसार, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का संगठनात्मक कार्यक्षेत्र भारत की भौगोलिक सीमाओं तक ही सीमित रहेगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि विदेशों में स्वयंसेवकों की मौजूदगी के बावजूद संघ अपने संगठनात्मक विस्तार को भारत तक ही केंद्रित रखेगा।





