Sehore News: बुधनी के आदिवासियों के मकान तोड़ने के मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश, धरना स्थगित

सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के बुधनी विधानसभा क्षेत्र के ग्राम कोनाझिर में आदिवासियों के मकान तोड़े जाने और प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में चल रहा धरना और पदयात्रा स्थगित कर दी गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मामले में उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। बुधनी विधायक रमाकांत भार्गव की पहल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद आदिवासी समाज ने आंदोलन स्थगित करने का निर्णय लिया।
मुख्यमंत्री ने दिए उच्चस्तरीय जांच के आदेश
बुधनी से भाजपा विधायक रमाकांत भार्गव ने बताया कि आदिवासी समाज अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से धरना दे रहा था। समाज की ओर से जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई थी।
विधायक के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए वन विकास निगम के अधिकारियों के कथित अशोभनीय व्यवहार और संबंधित कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।
16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से हुई चर्चा
शिव राज भैया के नेतृत्व में आदिवासी समाज के 16 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ करीब डेढ़ से दो घंटे तक बातचीत की। इस दौरान समाज की प्रमुख मांगों और शिकायतों पर चर्चा हुई।
विधायक के अनुसार, बैठक में बनी सहमति और मुख्यमंत्री की ओर से जांच के आश्वासन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने आंदोलन स्थगित करने पर सहमति जताई। इसके बाद प्रस्तावित पदयात्रा को भी रोकने का निर्णय लिया गया।
प्रदर्शनकारियों को घर पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था
आंदोलन स्थगित होने के बाद प्रशासन ने प्रदर्शन में शामिल लोगों को उनके गांवों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए बसों की व्यवस्था की। इसके बाद प्रदर्शनकारी अपने घरों की ओर रवाना हो गए।
फिलहाल धरना और पदयात्रा स्थगित हो गई है, लेकिन मामले में जांच के नतीजे अहम होंगे। आदिवासी समाज की शिकायतों, मकानों को तोड़े जाने की परिस्थितियों और अधिकारियों के कथित व्यवहार को लेकर जांच में क्या सामने आता है, इस पर आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।





