सिंहस्थ के लिए CM मोहन यादव ने अपने पैतृक घर पर चलाई गैंती, बोले- विकास के लिए जरुरी

Simhastha 2028: सिंहस्थ के लिए CM मोहन यादव ने अपने पैतृक घर पर चलाई गैंती, </span>बोले- विकास के लिए देना होगा बलिदान

सिंहस्थ के लिए CM मोहन यादव ने अपने पैतृक घर पर चलाई गैंती, बोले- विकास के लिए जरुरी
भोपाल/उज्जैन। सिंहस्थ-2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई के दायरे में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान भी आया है। रविवार को उज्जैन पहुंचे मुख्यमंत्री ने अपने पैतृक घर पर पूजा-अर्चना करने के बाद खुद गैंती चलाकर मकान के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया की शुरुआत की। इस दौरान वे अपने बचपन की यादों से जुड़े घर को लेकर भावुक भी नजर आए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस घर में जन्म हुआ, जहां बचपन बीता और खेलकूद हुआ, उस घर को तोड़ना पड़े तो मन पर असर होना स्वाभाविक है। लेकिन यदि सिंहस्थ की तैयारियों और शहर के विकास के लिए इसकी जरूरत है तो यह योगदान देना होगा।
730 मीटर लंबी सड़क को किया जा रहा 15 मीटर चौड़ा
मुख्यमंत्री के पैतृक मकान का हिस्सा जिस परियोजना की जद में आया है, उसमें खजूर वाली मस्जिद से अब्दालपुरा, जीवाजीगंज थाना होते हुए गणेश चौक तक करीब 730 मीटर लंबे मार्ग का चौड़ीकरण किया जाना है।
इस सड़क को 15 मीटर चौड़ा करने की योजना है। इसके लिए राज्य शासन की ओर से करीब 9.80 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, इस सड़क चौड़ीकरण की जद में कुल 272 भवन आ रहे हैं।
सिंहस्थ-2028 के दौरान उज्जैन में श्रद्धालुओं और वाहनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस मार्ग को चौड़ा करने का उद्देश्य यातायात व्यवस्था को अधिक सुगम बनाना बताया गया है।
अपने घर पर गैंती चलाते हुए भावुक हुए मुख्यमंत्री
अपने पैतृक मकान पर गैंती चलाने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्तिगत यादों से जुड़े घर को हटाना भावनात्मक रूप से कठिन होता है। उन्होंने इसे सिंहस्थ की तैयारियों और सार्वजनिक उपयोग से जुड़ा निर्णय बताया।
रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री के परिवार की संपत्ति भी सड़क की निर्धारित सीमा में प्रभावित हो रही है। उनके पैतृक मकान के अलावा उनकी बहन कलावती यादव के मकान का हिस्सा भी इस सड़क चौड़ीकरण की जद में बताया गया है।
CM बोले- उज्जैन के लोगों ने भी विकास में दिया योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि उज्जैन के कई लोगों ने सड़क और विकास कार्यों के लिए अपने मकानों के हिस्से पीछे हटाए हैं। उन्होंने इसे शहर के लोगों के सहयोग से जोड़ते हुए कहा कि सिंहस्थ की तैयारियों के लिए व्यक्तिगत स्तर पर भी योगदान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि उज्जैन की आबादी करीब 8 लाख है, जबकि सिंहस्थ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना रहती है। ऐसे में शहर की सड़कों, यातायात व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को भविष्य की जरूरतों के मुताबिक तैयार करना जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने सरकार की ओर से किए जा रहे विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि अलग-अलग समुदायों के धार्मिक स्थलों और संपत्तियों को भी विकास परियोजनाओं के अनुरूप पीछे किया जा रहा है। इन बयानों को मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान दिए गए वक्तव्य के रूप में देखा जाना चाहिए।
सार्वजनिक हित और व्यक्तिगत संपत्ति का सवाल
सिंहस्थ-2028 के लिए उज्जैन में कई सड़क और शहरी अधोसंरचना परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसी क्रम में सड़क चौड़ीकरण के लिए भवनों की नपती और मार्किंग की कार्रवाई शुरू की गई थी। रिपोर्टों के अनुसार, इस मार्ग पर 272 भवन प्रभावित होंगे।
मुख्यमंत्री का पैतृक मकान भी इसी प्रक्रिया में आने से परियोजना को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा का एक अलग पहलू सामने आया है। हालांकि, सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई का प्रशासनिक आधार निर्धारित सड़क सीमा और परियोजना से जुड़े मानकों पर है।
PM मोदी का उदाहरण देते हुए बोले CM
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने सार्वजनिक जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपने आचरण और कार्यों से उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके सार्वजनिक जीवन से नियम, कानून और सुशासन को प्राथमिकता देने की सीख मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक जीवन में व्यक्तिगत हितों से ऊपर जनहित से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देना जरूरी है।
सिंहस्थ से पहले उज्जैन में बढ़ रहा शहरी विकास का काम
सिंहस्थ-2028 को देखते हुए उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण, यातायात सुधार और अन्य बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को गति दी जा रही है। खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक का प्रस्तावित मार्ग शहर के महत्वपूर्ण संपर्क मार्गों में शामिल है।
करीब 730 मीटर लंबे इस मार्ग को 15 मीटर चौड़ा करने की परियोजना पर लगभग 9.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। इसके दायरे में आने वाले 272 भवनों की पहचान की गई है। मुख्यमंत्री के पैतृक मकान पर स्वयं गैंती चलाने की घटना इसी व्यापक सड़क चौड़ीकरण अभियान का हिस्सा है।
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