The Naradmuni Exclusive - मॉडल ट्विशा शर्मा मर्डर केस में बड़ी खबर, मध्य प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच के लिए जारी किया नोटिफिकेशन

The Naradmuni Exclusive - मॉडल ट्विशा शर्मा मर्डर केस में बड़ी खबर, मध्य प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच के लिए जारी किया नोटिफिकेशन
मॉडल ट्विशा शर्मा मर्डर केस में बड़ी खबर, प्रदेश सरकार ने सीबीआई जांच के लिए जारी किया नोटिफिकेशन
भोपाल। मॉडल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में मध्य प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए सीबीआई जांच के लिए गृह विभाग से औपचारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। अब यह हाईप्रोफाइल मामला भोपाल पुलिस से निकलकर केंद्रीय जांच एजेंसी CBI के पास जाने की प्रक्रिया में पहुंच गया है।
मामला क्यों बना राष्ट्रीय स्तर का मुद्दा?
33 वर्षीय मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। परिवार लगातार इसे दहेज हत्या बता रहा है, जबकि शुरुआती पुलिस जांच में आत्महत्या की आशंका जताई गई थी। इसी विरोधाभास ने पूरे मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव से परिवार की मुलाकात
ट्विशा के परिजनों ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मुलाकात कर स्थानीय जांच पर अविश्वास जताया था। इसके बाद मुख्यमंत्री ने परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिया और कहा कि राज्य सरकार खुद CBI जांच की सिफारिश करेगी। अब उसी आश्वासन पर गृह विभाग ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
केस में उठे बड़े सवाल
इस मामले में कई ऐसे तथ्य सामने आए जिन्होंने जांच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए—
• CCTV फुटेज में ट्विशा रात करीब 7:20 बजे छत पर जाती दिखीं।
• करीब 57 मिनट बाद उन्हें नीचे लाया गया।
• FIR में दर्ज समय और CCTV टाइमलाइन में बड़ा अंतर सामने आया।
• पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गर्दन पर डबल लिगेचर मार्क और शरीर पर चोटों के निशान बताए गए।
• परिवार ने सबूतों से छेड़छाड़ और प्रभावशाली लोगों के दबाव का आरोप लगाया।
पूर्व जज सास पर भी बड़ा एक्शन
मामले में ट्विशा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को लेकर भी सरकार ने कार्रवाई शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्हें उनके पद से हटाने के आदेश जारी किए गए हैं और उनकी नियुक्ति प्रक्रिया की भी जांच होगी।
फरार पति पर इनाम
ट्विशा के पति समर्थ सिंह पर पुलिस ने इनाम बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया है। पुलिस लगातार उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
कॉल डिटेल और डिजिटल एंगल भी जांच में
परिवार ने 46 मोबाइल नंबरों के कॉल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और डिजिटल मेटाडाटा सुरक्षित रखने की मांग की है। आरोप है कि घटना के बाद कई प्रभावशाली लोगों से संपर्क किया गया।
अब आगे क्या?
गृह विभाग के नोटिफिकेशन के बाद अब केंद्र सरकार की सहमति और औपचारिक प्रक्रिया पूरी होने पर CBI इस पूरे मामले की जांच अपने हाथ में ले सकती है। माना जा रहा है कि CCTV, कॉल रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और डिजिटल सबूतों की दोबारा गहन जांच होगी।
Abhishek Dubey

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