Akhilesh Yadav on Dhirendra Shastri: धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर अखिलेश यादव का तीखा हमला, बोले- कुछ कथावाचकों के लिए धन ही धर्म है

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कथावाचकों के विवादित बयानों को लेकर तीखा हमला बोला है। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान से उपजे विवाद के बीच अखिलेश यादव ने बिना किसी का नाम लिए कुछ कथावाचकों की कार्यशैली और उनके आयोजकों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग बोलने और पहनने से कथावाचक तो दिखाई देते हैं, लेकिन कथा और प्रवचन उनके लिए व्यवसाय बन चुका है। अखिलेश ने ऐसे कथावाचकों के कार्यक्रम आयोजित करने वाले आयोजकों और प्रायोजकों को भी उनसे दूरी बनाने की सलाह दी है।
बोलने और पहनने से कथावाचक दिखते हैं, लेकिन प्रवचन व्यवसाय है
अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ तथाकथित कथावाचक अपने पहनावे और बोलने के तरीके से धार्मिक प्रवचनकर्ता दिखाई देते हैं, लेकिन उनके लिए कथा और प्रवचन केवल व्यवसाय है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोग समय-समय पर अपनी भौतिक उपलब्धियों का दिखावा करते हैं और सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए अनर्गल बयान देते रहते हैं। अखिलेश ने कहा कि ऐसे लोगों के लिए धन ही धर्म बन गया है। उन्होंने शासन-प्रशासन के साथ ही धार्मिक कार्यक्रमों के आयोजकों और प्रायोजकों से ऐसे लोगों से दूरी बनाए रखने का आग्रह किया।
आयोजकों और प्रायोजकों को दी चेतावनी
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने कहा कि विवादित बयान देने वाले लोग राजनीतिक संरक्षण के सहारे बच निकल सकते हैं, लेकिन उनके कार्यक्रम आयोजित करने वालों को उसी शहर और समाज में रहना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से यदि समाज में वैमनस्य पैदा होता है तो उसका असर स्थानीय आयोजकों और प्रायोजकों पर भी पड़ सकता है। अखिलेश के मुताबिक, जब विवादित बयान देने वाले लोग वहां मौजूद नहीं होंगे, तब स्थानीय जनता अपनी नाराजगी उन लोगों के सामने जाहिर कर सकती है जिन्होंने उन्हें कार्यक्रम में आमंत्रित किया था।
भगवानों पर विवादित टिप्पणी करने वालों से दूर रहें
अखिलेश यादव ने धार्मिक कथाओं और भगवानों के संबंध में आपत्तिजनक बयान देने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आस्थावान लोग यह मान सकते हैं कि किसी कथावाचक के विवादित विचारों से कार्यक्रम के आयोजक और प्रायोजक भी सहमत हैं। ऐसी स्थिति में आयोजकों के प्रति स्थानीय श्रद्धालुओं की नाराजगी बढ़ सकती है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के नाम पर समाज में विवाद पैदा करने वाले लोगों को मंच देने से बचना चाहिए।
सामाजिक और राजनीतिक नुकसान उठाना पड़ सकता है
अखिलेश यादव ने कहा कि कुछ लोग कथावाचकों को बुलाकर स्थानीय स्तर पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश करते हैं, लेकिन विवादित बयान देने वालों को मंच उपलब्ध कराना उनके लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्तर पर नुकसान उठाना पड़ सकता है। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसे लोगों को लेन के देने पड़ सकते हैं और उनकी सारी राजनीति धरी रह सकती है।
समाज और सनातन के बीच खाई पैदा न करें
समाजवादी पार्टी अध्यक्ष ने आयोजकों और प्रायोजकों से अपील की कि वे समाज और सनातन के बीच मतभेद पैदा करने वाले लोगों को बढ़ावा न दें। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को मंच और संसाधन उपलब्ध कराकर उनके विवादित विचारों को फैलाने में सहयोग नहीं करना चाहिए। अखिलेश ने धार्मिक आयोजनों में मर्यादित भाषा और समाज को जोड़ने वाले विचारों को महत्व देने की बात कही।
देश में अच्छे विचारकों और कथावाचकों की कमी नहीं
अखिलेश यादव ने कहा कि देश में अनेक ऐसे विद्वान और कथावाचक मौजूद हैं, जिन्हें वेदों, उपनिषदों और महाकाव्यों का गहरा ज्ञान है। उन्होंने आयोजकों से आग्रह किया कि वे ऐसे विद्वानों को आमंत्रित करें, जो अपने विचारों से समाज को सकारात्मक दिशा दे सकें। अखिलेश ने कहा कि धार्मिक आयोजनों का उद्देश्य लोगों के जीवन को बेहतर बनाना और समाज में सद्भाव बढ़ाना होना चाहिए।
धीरेंद्र शास्त्री के बयान के बीच बढ़ा विवाद
अखिलेश यादव की यह प्रतिक्रिया बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बयान को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आई है। हालांकि अखिलेश यादव ने अपने बयान में किसी कथावाचक का नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणियों को धीरेंद्र शास्त्री से जुड़े विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है। अखिलेश ने विशेष रूप से धार्मिक आयोजनों के आयोजकों और प्रायोजकों की जिम्मेदारी पर सवाल उठाते हुए उनसे विवादित बयान देने वाले कथावाचकों को मंच नहीं देने की अपील की है।





