MP CBI Raid: कटनी में रेलवे का वरिष्ठ अभियंता 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार, 30 कर्मचारियों को नौकरी पर रखने के बदले मांगी थी रकम

कटनी। मध्यप्रदेश के कटनी में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पश्चिम मध्य रेलवे के एक वरिष्ठ अनुभाग अभियंता को 45 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। आरोपी अधिकारी अजयवीर सिंह न्यू कटनी जंक्शन पर वरिष्ठ अनुभाग अभियंता (इलेक्ट्रिक-एम) के पद पर पदस्थ हैं। आरोप है कि उन्होंने एक ठेकेदार के 30 कर्मचारियों को काम से नहीं हटाने के बदले प्रति कर्मचारी 1500 रुपये की रिश्वत मांगी थी। ठेकेदार की शिकायत पर सीबीआई ने मामले का सत्यापन किया और ट्रैप लगाकर आरोपी अधिकारी को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जबलपुर की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 12 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
30 कर्मचारियों के बदले मांगे 45 हजार रुपये
जानकारी के अनुसार, ठेकेदार शशांक कुशवाहा ने सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच में रेलवे अधिकारी अजयवीर सिंह के खिलाफ रिश्वत मांगने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि अजयवीर सिंह ठेकेदार के अधीन काम करने वाले 30 कर्मचारियों को नौकरी से नहीं हटाने के बदले रकम मांग रहे थे। आरोप है कि उन्होंने प्रत्येक कर्मचारी के हिसाब से 1500 रुपये देने की मांग की थी। इस तरह कुल रिश्वत की रकम 45 हजार रुपये तय हुई। ठेकेदार ने इसकी शिकायत सीबीआई से की, जिसके बाद एजेंसी ने जांच शुरू की।
शिकायत की पुष्टि के बाद सीबीआई ने बिछाया जाल
सीबीआई ने शिकायत मिलने के बाद रिश्वत की मांग का गोपनीय तरीके से सत्यापन कराया। प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर आरोपी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप की योजना बनाई गई। इसके तहत कटनी पुलिस लाइन परिसर में स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में कार्रवाई की तैयारी की गई। सीबीआई की टीम ने शिकायतकर्ता के पिता तेजराम कुशवाहा को रिश्वत की रकम लेकर आरोपी अधिकारी के पास भेजने की योजना बनाई।
500 रुपये के 90 नोट लेकर पहुंचे शिकायतकर्ता के पिता
सीबीआई ने ट्रैप कार्रवाई के लिए 500 रुपये के 90 नोटों की व्यवस्था की। इनकी कुल कीमत 45 हजार रुपये थी। शिकायतकर्ता के पिता तेजराम कुशवाहा यह रकम लेकर आरोपी वरिष्ठ अनुभाग अभियंता अजयवीर सिंह के पास पहुंचे। जानकारी के अनुसार, जैसे ही तेजराम कुशवाहा ने आरोपी अधिकारी को 45 हजार रुपये सौंपे, पहले से मौजूद सीबीआई की टीम ने कार्रवाई करते हुए उन्हें पकड़ लिया। सीबीआई ने मौके से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की गई।
गिरफ्तारी के बाद जबलपुर ले गई सीबीआई
कटनी में कार्रवाई पूरी करने के बाद सीबीआई की टीम आरोपी रेलवे अधिकारी को जबलपुर लेकर पहुंची। वहां आरोपी का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद उन्हें जबलपुर स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया गया। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी अजयवीर सिंह को 12 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
सीबीआई ने आरोपी वरिष्ठ अनुभाग अभियंता अजयवीर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया है। जांच एजेंसी अब रिश्वत की मांग और लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है। मामले में शिकायतकर्ता और अन्य संबंधित व्यक्तियों के बयान भी जांच का हिस्सा हो सकते हैं। फिलहाल सीबीआई की जांच जारी है। आरोपी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगा।





