Bhopal Collector Fake Facebook ID: प्रियंक मिश्रा के नाम से बनी फेक प्रोफाइल, प्रशासन ने किया अलर्ट

Bhopal Collector Fake Facebook ID: प्रियंक मिश्रा के नाम से बनी फेक प्रोफाइल, प्रशासन ने किया अलर्ट
भोपाल। भोपाल कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के नाम से फेसबुक पर फर्जी प्रोफाइल बनाए जाने का मामला सामने आया है। जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को इस फेक आईडी से सावधान रहने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट कहा है कि इस प्रोफाइल को न तो फॉलो या सब्सक्राइब करें और न ही इससे आने वाले किसी संदेश का जवाब दें। भोपाल जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रियंक मिश्रा को वर्तमान कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी बताया गया है।
'प्रियंक मिश्रा आईएस' नाम से बनाई प्रोफाइल
जानकारी के मुताबिक फेसबुक पर 'प्रियंक मिश्रा आईएस' नाम से एक प्रोफाइल बनाई गई है। इसमें लगी तस्वीर में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के साथ ADM सुमित पांडेय और जिला पंचायत CEO इला तिवारी भी दिखाई दे रहे हैं।
जिला प्रशासन ने इस प्रोफाइल को फेक बताते हुए लोगों को इससे दूरी बनाए रखने की सलाह दी है।
प्रशासन की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि यह फर्जी प्रोफाइल है। लोगों से इसे फॉलो या सब्सक्राइब नहीं करने और इससे प्राप्त किसी भी संदेश का जवाब नहीं देने की अपील की गई है। साथ ही प्रोफाइल को तुरंत रिपोर्ट और ब्लॉक करने के लिए कहा गया है।
कलेक्टर के नाम से पहले भी हो चुकी है ठगी
भोपाल में किसी कलेक्टर के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने का यह पहला मामला नहीं है। वर्ष 2024 में तत्कालीन कलेक्टर कौशलेन्द्र विक्रम सिंह के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी सोशल मीडिया/मैसेजिंग अकाउंट के जरिए लोगों से पैसे मांगने का मामला सामने आया था।
रिपोर्ट के मुताबिक ठगों ने संबल योजना का लाभ दिलाने के नाम पर ग्रामीणों से ₹3,000 से ₹10,000 तक की रकम मांगी थी। फंदा जनपद क्षेत्र में 2-3 लोगों द्वारा कथित तौर पर ₹10,000 तक ट्रांसफर किए जाने की बात भी सामने आई थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस की साइबर/क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की थी।
एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने तत्कालीन कलेक्टर के नाम से व्हाट्सऐप के जरिए पैसे मांगने के मामले में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ जांच शुरू की थी।
प्रशासन ने लोगों से की सावधानी बरतने की अपील
फर्जी प्रोफाइल सामने आने के बाद प्रशासन ने लोगों को सोशल मीडिया पर किसी भी अधिकारी के नाम से बने संदिग्ध अकाउंट से आने वाले संदेशों को लेकर सावधान रहने को कहा है।
खास तौर पर यदि किसी प्रोफाइल या मैसेज के जरिए पैसे, बैंक डिटेल, OTP या किसी सरकारी योजना के लाभ के बदले भुगतान की मांग की जाती है, तो उसकी आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करना जरूरी है।
फिलहाल भोपाल जिला प्रशासन की ओर से जारी चेतावनी का मुख्य उद्देश्य लोगों को फर्जी प्रोफाइल से बचाना और किसी संभावित साइबर ठगी को रोकना है।
The Naradmuni Desk

लेखक के बारे में

The Naradmuni Desk

Naradmuni News Network

The Naradmuni-Credible source of investigative news stories from Central India.

View all posts by The Naradmuni Desk