Bhopal Corona Warriors Protest: नीलम पार्क में दिवाली मनाएंगे 4000 कोरोना योद्धा, नौकरी पर बहाली की मांग को लेकर एक महीने से धरना

भोपाल। मध्यप्रदेश में कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले आयुष चिकित्सकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों का आंदोलन लगातार जारी है। नौकरी से हटाए गए करीब 4000 कोरोना योद्धा अपनी पुनर्बहाली की मांग को लेकर राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में एक महीने से अधिक समय से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। अब इन कर्मचारियों ने अपने परिवारों से दूर धरना स्थल पर ही दिवाली मनाने का फैसला किया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
एक महीने से नीलम पार्क में चल रहा धरना
राजधानी भोपाल के नीलम पार्क में कोविड-19 के दौरान सेवाएं देने वाले आयुष चिकित्सक और अन्य स्वास्थ्यकर्मी पिछले एक महीने से अधिक समय से धरना दे रहे हैं। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों की प्रमुख मांग नौकरी पर पुनर्बहाली है। उनका कहना है कि इस संबंध में शासन और प्रशासन के सामने कई बार अपनी बात रखी जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। कर्मचारियों के अनुसार, लंबे समय से आंदोलन करने के बावजूद उनकी मांगों पर निर्णय नहीं होने से उनमें नाराजगी बढ़ रही है।
कोरोना काल में दी सेवाएं, बाद में नौकरी से हटाया
कोविड-19 आयुष चिकित्सक संघ के प्रदेश संयोजक डॉ. अंकित असाटी ने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान प्रदेश के हजारों अस्थायी स्वास्थ्यकर्मियों ने अस्पतालों और कोविड केयर सेंटरों में अपनी सेवाएं दी थीं। इन कर्मचारियों ने आईसीयू, कोरोना जांच के लिए सैंपलिंग, वैक्सीनेशन और अन्य स्वास्थ्य सेवाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई थीं। डॉ. असाटी के अनुसार, महामारी के दौरान कर्मचारियों को कोरोना योद्धा के रूप में सम्मानित किया गया था, लेकिन संक्रमण का दौर समाप्त होने के बाद बजट की कमी का हवाला देकर करीब 4000 अस्थायी कर्मचारियों को सेवा से हटा दिया गया।
आयुष डॉक्टरों से लेकर नर्सिंग स्टाफ तक प्रभावित
संघ के अनुसार, सेवा से हटाए गए कर्मचारियों में आयुष चिकित्सक, स्टाफ नर्स, एएनएम, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, पैरामेडिकल स्टाफ और अन्य स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। डॉ. अंकित असाटी का कहना है कि नौकरी जाने के बाद कई कर्मचारियों और उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। अनेक कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर अनिश्चितता का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में योगदान देने के बावजूद अब उन्हें अपनी नौकरी वापस पाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है।
परिवारों से दूर नीलम पार्क में मनाएंगे दिवाली
कोरोना योद्धाओं ने इस बार दिवाली अपने घरों में मनाने के बजाय भोपाल के नीलम पार्क स्थित धरना स्थल पर मनाने का निर्णय लिया है। डॉ. असाटी ने बताया कि दिवाली परिवार के साथ खुशियां मनाने का त्योहार है, लेकिन आंदोलन कर रहे कर्मचारी इस बार अपने परिजनों से दूर रहकर त्योहार मनाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि उनका यह फैसला सरकार का ध्यान अपनी मांगों की ओर आकर्षित करने के लिए है।
पुनर्बहाली तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान
कोविड-19 आयुष चिकित्सक संघ ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों की पुनर्बहाली को लेकर सरकार की ओर से ठोस निर्णय आने तक आंदोलन जारी रहेगा। संघ का कहना है कि कर्मचारियों ने कोरोना महामारी के कठिन समय में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को संभालने में योगदान दिया था। ऐसे में उनकी सेवाओं और वर्तमान परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए सरकार को पुनर्बहाली की मांग पर विचार करना चाहिए। फिलहाल आंदोलनकारी कर्मचारियों ने दिवाली के दौरान भी धरना जारी रखने का निर्णय लिया है।





