Bhopal IAS Murder Case: रिटायर्ड IAS राकेश अग्रवाल की हत्या का आरोपी गिरफ्तार, बोला- IAS ब्रांड है इसलिए मारा, घर उड़ाने की भी रची थी साजिश

भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में गिरफ्तार आरोपी वरुण कुमार ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाली बातें कही हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में कहा कि 'आईएएस ब्रांड है, इसलिए मारा। भागता नहीं तो अपराधी कैसे बनता।' हत्या के बाद आरोपी ने घर में गैस सिलेंडर से विस्फोट कराने की भी साजिश रची थी। वारदात को अंजाम देने के बाद वह ट्रेन से फरार हो गया और कई राज्यों के शहरों में ठिकाने बदलता रहा। पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया। भोपाल लाते समय पुलिस अभिरक्षा से भागने की कथित कोशिश के दौरान हुई फायरिंग में वह घायल हो गया। फिलहाल हमीदिया अस्पताल में उसका उपचार चल रहा है।
नौकरी पर रखने के दो दिन बाद ही रिटायर्ड IAS की हत्या
भोपाल के रातीबड़ थाना क्षेत्र स्थित सूरजनगर में 30 सितंबर को रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या कर दी गई थी। वह अपनी पत्नी के साथ घर में रहते थे। घटना से महज दो दिन पहले राकेश अग्रवाल ने वरुण कुमार को घरेलू कामकाज के लिए नौकर रखा था। आरोप है कि वरुण ने ही उनकी हत्या कर दी और वारदात के बाद फरार हो गया। हत्या के बाद आरोपी राकेश अग्रवाल का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया था। पुलिस के अनुसार, वह मोबाइल को बार-बार चालू और बंद करके अपनी लोकेशन छिपाने की कोशिश कर रहा था।
हत्या के बाद घर में विस्फोट कराने की रची थी साजिश
पुलिस पूछताछ में सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपी वरुण कुमार ने राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद घर में विस्फोट कराने की भी कोशिश की थी। आरोप है कि उसने घर में रखे गैस सिलेंडर की पाइप काट दी थी। इसके अलावा कपड़ों पर बिजली की प्रेस चालू हालत में छोड़ दी थी। पुलिस का मानना है कि आरोपी ने ऐसा इसलिए किया था ताकि घर में आग लग जाए और गैस सिलेंडर में विस्फोट हो सके।
हालांकि आरोपी की यह कोशिश सफल नहीं हुई।
सुबह 4:12 बजे केरल एक्सप्रेस से हुआ फरार
हत्या को अंजाम देने के बाद वरुण कुमार सुबह करीब 4:12 बजे केरल एक्सप्रेस से भोपाल से निकल गया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार एक शहर से दूसरे शहर जाता रहा। वह पहले ग्वालियर पहुंचा। इसके बाद आगरा, मथुरा और वृंदावन होते हुए दिल्ली चला गया। दिल्ली से वह हरिद्वार, नैनीताल, ऋषिकेश और मनाली भी पहुंचा। इस दौरान आरोपी ने किसी एक स्थान पर ज्यादा समय तक रुकने से परहेज किया।
हर दो दिन में बदलता था ठिकाना, फुटपाथ पर गुजारी रातें
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि फरारी के दौरान वह लगभग हर दो दिन में अपना ठिकाना बदल देता था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह अलग-अलग शहरों में घूमता रहा और कई बार फुटपाथ पर सोकर रात गुजारी। पैसों की जरूरत पूरी करने के लिए उसने कबाड़ बेचने का काम भी किया। पुलिस के अनुसार, लगातार स्थान बदलने और मोबाइल फोन को चालू-बंद करने के कारण आरोपी तक पहुंचने में समय लगा।
आगरा से गिरफ्तार कर भोपाल ला रही थी पुलिस
रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की हत्या के बाद रातीबड़ थाना पुलिस लगातार आरोपी की तलाश कर रही थी। पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देने के बाद वरुण कुमार को उत्तर प्रदेश के आगरा से गिरफ्तार किया। इसके बाद रातीबड़ थाना प्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों की टीम आरोपी को लेकर भोपाल लौट रही थी। इसी दौरान भोपाल के नजदीक मुगलिया छाप क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा से भागने की कथित कोशिश के दौरान फायरिंग की घटना हुई।
पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश में लगी गोली
पुलिस के अनुसार, सुबह करीब 4:45 से 5 बजे के बीच मुगलिया छाप के पास आरोपी वरुण कुमार ने अभिरक्षा से भागने की कोशिश की। इस दौरान आरोपी और पुलिसकर्मियों के बीच झूमाझटकी हुई। पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में आरोपी घायल हो गया। घायल वरुण को उपचार के लिए भोपाल के हमीदिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस की ओर से घटना को आरोपी के भागने की कोशिश के दौरान की गई कार्रवाई बताया गया है।
अस्पताल से छुट्टी मिलते ही होगा सीन रिक्रिएशन
पुलिस अब आरोपी वरुण कुमार से हत्या की पूरी वारदात और उसके पीछे की वजह को लेकर विस्तृत पूछताछ करने की तैयारी कर रही है। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आरोपी को घटनास्थल पर ले जाकर वारदात का सीन रिक्रिएशन कराया जाएगा। इस दौरान पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि हत्या कैसे की गई, घर में विस्फोट कराने की तैयारी किस तरह की गई और आरोपी वारदात के बाद कैसे फरार हुआ। फिलहाल आरोपी का हमीदिया अस्पताल में इलाज जारी है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।





