IPS Anurag Sujania Resignation: मध्यप्रदेश में आईपीएस अनुराग सुजानिया के इस्तीफे पर सियासत तेज, कांग्रेस ने शराब माफिया का मुद्दा उठाया, BJP का पलटवार

भोपाल। मध्यप्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी अनुराग सुजानिया के पुलिस सेवा छोड़ने के फैसले पर सियासत गरमा गई है। महज 38 साल की उम्र में उनके इस्तीफे के फैसले को लेकर कांग्रेस और भाजपा आमने-सामने आ गई हैं। कांग्रेस ने इसे प्रदेश में शराब माफिया और भ्रष्टाचार से जोड़ते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वहीं भाजपा ने पलटवार करते हुए इसे अधिकारी का व्यक्तिगत निर्णय बताया है। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस इस मामले में दोहरी राजनीति कर रही है और अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बना रही है।
सागर शराब कांड के बाद पुलिस मुख्यालय में हुई थी पदस्थापना
आईपीएस अनुराग सुजानिया मध्यप्रदेश कैडर के 2014 बैच के अधिकारी हैं। सागर शराब कांड के बाद उन्हें उनके पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (एआईजी) की जिम्मेदारी दी गई थी। इस पदस्थापना के बाद उन्होंने पुलिस सेवा छोड़ने का फैसला लिया है। उनके इस निर्णय ने प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर पर नई बहस छेड़ दी है। हालांकि अनुराग सुजानिया ने किन व्यक्तिगत या प्रशासनिक कारणों से यह फैसला लिया, इसकी विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
कांग्रेस बोली- खुद्दार अधिकारी मजबूरी में पलायन कर जाते हैं
मध्यप्रदेश कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विक्रम चौधरी ने अनुराग सुजानिया के इस्तीफे के फैसले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जहरीली शराब से जुड़े मामलों में अब आईपीएस जैसे मजबूत पद पर बैठा अधिकारी भी भाजपा के भ्रष्टाचार और शराब माफिया के कथित गठजोड़ से लड़ने में सक्षम नहीं रह गया है। विक्रम चौधरी ने कहा कि जब खुद्दार अधिकारी यह महसूस करने लगते हैं कि वे अपराधियों को उजागर नहीं कर पाएंगे, जनता के अधिकारों की लड़ाई नहीं लड़ पाएंगे और कानून का शासन स्थापित नहीं कर पाएंगे, तब मजबूरी में पलायन का रास्ता चुन लेते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि इतनी मेहनत और पढ़ाई के बाद हासिल किए गए प्रतिष्ठित पद को छोड़ने का फैसला पूरे समाज को निराश करता है।
इस्तीफे के पीछे कुछ छिपाया जा रहा है- कांग्रेस
डॉ. विक्रम चौधरी ने अनुराग सुजानिया के फैसले के पीछे की परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में कुछ न कुछ पर्दादारी है, जिसे सामने लाने की जरूरत है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रदेश में शराब माफिया और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के कारण ईमानदार अधिकारियों के सामने काम करने की चुनौतियां बढ़ रही हैं। हालांकि अनुराग सुजानिया के इस्तीफे के फैसले और कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों के बीच किसी प्रत्यक्ष संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
भाजपा का पलटवार- कांग्रेस कर रही दोहरी राजनीति
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरी ईमानदारी तथा कर्तव्यपरायणता के साथ जनता की सेवा कर रहे हैं। अजय सिंह यादव ने कांग्रेस पर दोहरी राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यही कांग्रेस सागर और देवास के मामलों में संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करने का दबाव बना रही थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले सरकार पर अधिकारियों को संरक्षण देने का आरोप लगाती थी और अब जब कोई अधिकारी व्यक्तिगत फैसला लेता है, तो उसी मामले में सरकार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
अधिकारियों पर राजनीतिक दबाव बनाना ठीक नहीं- भाजपा
भाजपा प्रवक्ता अजय सिंह यादव ने कहा कि किसी भी अधिकारी के व्यक्तिगत फैसले को राजनीतिक विवाद का विषय बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अधिकारियों पर अनावश्यक दबाव बनाने का प्रयास कर रही है। भाजपा का कहना है कि अनुराग सुजानिया का पुलिस सेवा छोड़ने का निर्णय उनका व्यक्तिगत मामला है और इस पर सरकार नियमानुसार फैसला करेगी। अजय सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक प्रक्रियाओं और सेवा नियमों के अनुसार ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस्तीफे के फैसले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज
आईपीएस अनुराग सुजानिया के पुलिस सेवा छोड़ने के फैसले ने मध्यप्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस इसे शराब माफिया और प्रशासनिक व्यवस्था से जोड़कर सरकार पर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा इसे व्यक्तिगत निर्णय बताते हुए कांग्रेस के आरोपों को खारिज कर रही है। फिलहाल अनुराग सुजानिया के इस्तीफे की स्वीकृति और उनके निर्णय के विस्तृत कारणों को लेकर आधिकारिक स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।





