Bhopal Safai Karmchari Strike: दिवाली पर भोपाल में सफाई व्यवस्था ठप, 13 हजार कर्मचारियों की हड़ताल से 85 वार्डों में कचरे के ढेर

भोपाल। दिवाली के मौके पर मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो गई है। नगर निगम के 13 हजार से अधिक सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुक्रवार को चौथे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों और प्रशासन के बीच अब तक कोई सहमति नहीं बन सकी है। हड़ताल के चलते शहर के सभी 85 वार्डों में घर-घर कचरा संग्रहण की व्यवस्था ठप होने की बात सामने आई है। रहवासी इलाकों से लेकर बाजारों और प्रमुख सड़कों तक कचरे के ढेर लगने लगे हैं। त्योहार के दौरान सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
चौथे दिन भी जारी रही सफाई कर्मचारियों की हड़ताल
भोपाल नगर निगम के नियमित और आउटसोर्स सफाई कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। शुक्रवार को हड़ताल का चौथा दिन होने के बावजूद कर्मचारियों और निगम प्रशासन के बीच कोई समाधान नहीं निकल सका।
कर्मचारियों के काम बंद करने से शहर में नियमित सफाई और घर-घर कचरा संग्रहण का काम प्रभावित हुआ है। कई इलाकों में पिछले तीन से चार दिनों से कचरा नहीं उठने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
सड़कों पर कचरा फेंककर जताया विरोध
हड़ताल के दौरान शहर के कुछ इलाकों में सफाई कर्मचारियों द्वारा सड़कों पर कचरा फैलाकर विरोध प्रदर्शन करने के मामले भी सामने आए हैं।
इससे संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। वीडियो में कथित तौर पर कर्मचारी सड़कों पर कचरा डालते दिखाई दे रहे हैं।
पहले से सफाई नहीं होने और विरोध प्रदर्शन के दौरान कचरा फैलाए जाने से स्थानीय रहवासियों और राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है।
85 वार्डों में कचरा संग्रहण प्रभावित
भोपाल नगर निगम के अंतर्गत आने वाले 85 वार्डों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है। घर-घर कचरा लेने वाली गाड़ियों का संचालन बंद होने से लोगों के घरों और दुकानों में कचरा जमा हो रहा है।
त्योहारी सीजन में बाजारों में खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। ऐसे में प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में जमा कचरे से दुकानदारों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
रोजाना एक हजार टन से ज्यादा कचरा निकलने का अनुमान
भोपाल में प्रतिदिन एक हजार टन से अधिक कचरा निकलने की बात कही जा रही है। सामान्य दिनों में नगर निगम की गाड़ियां विभिन्न वार्डों से कचरा एकत्र कर उसका निस्तारण करती हैं।
लेकिन सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण कचरा संग्रहण और सफाई का काम प्रभावित है। लगातार चार दिनों से नियमित सफाई नहीं होने के कारण कई स्थानों पर कचरे के ढेर बढ़ते जा रहे हैं।
दिवाली के दौरान घरों और बाजारों से निकलने वाले अतिरिक्त कचरे ने समस्या को और बढ़ा दिया है।
25 हजार रुपये न्यूनतम वेतन की मांग
हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों की प्रमुख मांग न्यूनतम मासिक वेतन बढ़ाकर 25 हजार रुपये करना है।
इसके अलावा कर्मचारी सभी सफाई कर्मचारियों को शासकीय कर्मचारी का दर्जा देने और नगर निगमों में ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग भी कर रहे हैं।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है।
इसी नाराजगी के चलते कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की है।
त्योहार के बीच नगर निगम के सामने बड़ी चुनौती
दिवाली के दौरान राजधानी की सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से नगर निगम प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी हो गई है। एक ओर कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं, वहीं दूसरी ओर शहर में लगातार कचरा जमा हो रहा है।
रहवासी इलाकों और बाजारों में गंदगी बढ़ने से लोगों को बदबू और अस्वच्छ वातावरण का सामना करना पड़ रहा है। लंबे समय तक कचरा जमा रहने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी बढ़ सकती है।
फिलहाल सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त होने को लेकर कोई सहमति बनने की जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में राजधानी के लोगों को नियमित सफाई व्यवस्था बहाल होने का इंतजार है।





