दमोह में गर्भवती गाय की हत्या के बाद एक्शन तेज, मीट दुकान का अवैध निर्माण ढहाया; दो चौकी प्रभारी निलंबित

दमोह में गर्भवती गाय की हत्या के मामले के बाद पुलिस और प्रशासन ने अवैध मीट दुकानों और अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देश पर रविवार को पुलिस, नगर पालिका और खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने शहर के कई इलाकों में जांच अभियान चलाया। किल्लाई नाका क्षेत्र में अतिक्रमण कर संचालित की जा रही मीट दुकान के अवैध निर्माण को नगर पालिका की टीम ने जेसीबी से ढहा दिया।
कार्रवाई के दौरान दुकानदार और घर में मौजूद महिला अधिकारियों से कुछ समय देने की मांग करते रहे। उन्होंने खुद अतिक्रमण हटाने की बात कही, लेकिन प्रशासन ने कार्रवाई जारी रखते हुए अवैध निर्माण को ध्वस्त करा दिया।
टीम ने किल्लाई नाका के अलावा नूरी नगर, कसाई मंडी, गढ़ी मोहल्ला और चमन तिगड्डा क्षेत्र में संचालित अंडा, मांस और मछली की दुकानों की भी जांच की। दुकानदारों से फूड लाइसेंस और अन्य जरूरी दस्तावेज मांगे गए। जिन दुकानों में आवश्यक दस्तावेज या वैध लाइसेंस नहीं मिले, वहां कार्रवाई करते हुए दुकानें बंद कराई गईं।
प्रशासन ने दुकानदारों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बिना वैध लाइसेंस मांस का विक्रय न किया जाए और नगर पालिका द्वारा निर्धारित स्थान पर ही दुकान संचालित की जाए। सड़क किनारे या बिना अनुमति के दुकान लगाने वालों को भी चेतावनी दी गई।
इसी मामले में लापरवाही के आरोप में कसाई मंडी चौकी प्रभारी राकेश पाठक और बृजलाल पटेल को निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रशासन की कार्रवाई के बाद अवैध रूप से संचालित दुकानदारों में हड़कंप की स्थिति है।
गर्भवती गाय की हत्या के विरोध में शनिवार को हिंदू संगठनों ने दमोह बंद कर प्रदर्शन किया था। करीब तीन घंटे चले प्रदर्शन के दौरान अवैध मीट दुकानों को बंद कराने और अतिक्रमण हटाने की मांग की गई थी। प्रशासन के कार्रवाई के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ था। इसके अगले दिन संयुक्त टीम ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में कार्रवाई शुरू कर दी।
प्रशासन ने कहा है कि खाद्य सुरक्षा नियमों और नगर पालिका के निर्धारित मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।




