MP News: देवास में शराब माफिया के ट्रक से कुचलकर मारे गए TI दिलीप पुरी की पत्नी को मिलेगी SI की नौकरी, सरकार ने लिया फैसला

भोपाल। मध्यप्रदेश के देवास जिले के खातेगांव में अवैध शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दौरान ट्रक से कुचलकर मारे गए थाना प्रभारी दिलीप पुरी के परिवार को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने दिवंगत टीआई की पत्नी को सब-इंस्पेक्टर (एसआई) के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्णय लिया है। खातेगांव विधायक आशीष शर्मा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के इस फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले दिलीप पुरी को शहीद का दर्जा देने का भी निर्णय लिया है।
अवैध शराब माफिया के खिलाफ कार्रवाई के दौरान गई जान
देवास जिले के खातेगांव में पदस्थ थाना प्रभारी दिलीप पुरी की अवैध शराब से जुड़े मामले में कार्रवाई के दौरान ट्रक से कुचलकर मौत हो गई थी। घटना को लेकर आरोप है कि शराब माफिया से जुड़े लोगों ने उन्हें जानबूझकर ट्रक से कुचला।
इस घटना से पुलिस महकमे में शोक का माहौल है। थाना प्रभारी की मौत के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठी है।
विधायक बोले- हमने एक निर्भीक और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी खो दिया
खातेगांव विधायक आशीष शर्मा ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि दिलीप पुरी बेहद ईमानदार, निर्भीक और कर्तव्यनिष्ठ पुलिस अधिकारी थे। वे पिछले करीब दो महीने से खातेगांव थाने में पदस्थ थे।
विधायक ने कहा कि इतने कम समय में ही उन्होंने अपनी कार्यशैली से अलग पहचान बनाई थी। अपने कर्तव्य का पालन करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया है।
आशीष शर्मा ने कहा कि प्रदेश पुलिस ने एक अच्छा और साहसी अधिकारी खो दिया है। उनकी कमी को पूरा करना आसान नहीं होगा।
मुख्यमंत्री को दी घटना की जानकारी, कड़ी कार्रवाई के निर्देश
विधायक आशीष शर्मा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पूरे मामले से अवगत कराया था।
मुख्यमंत्री ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।
विधायक के मुताबिक मुख्यमंत्री ने दिवंगत थाना प्रभारी के परिवार को हरसंभव सहायता देने का भरोसा भी दिलाया है।
पत्नी को सब-इंस्पेक्टर पद पर मिलेगी अनुकंपा नियुक्ति
विधायक आशीष शर्मा ने बताया कि सरकार ने टीआई दिलीप पुरी की पत्नी को पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि दिलीप पुरी ने ड्यूटी के दौरान अपने प्राणों का बलिदान दिया है। इसलिए सरकार ने उनके योगदान को सम्मान देते हुए शहीद का दर्जा देने का भी फैसला किया है।
विधायक के अनुसार यह निर्णय दिवंगत अधिकारी के परिवार को आर्थिक और सामाजिक संबल देने के उद्देश्य से लिया गया है।
'देशभक्ति जनसेवा' के संकल्प को निभाते हुए दिया बलिदान
आशीष शर्मा ने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस का ध्येय वाक्य 'देशभक्ति जनसेवा' है और दिलीप पुरी ने अपने कर्तव्य का पालन करते हुए इसे चरितार्थ किया।
उन्होंने कहा कि दिवंगत अधिकारी का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा और प्रदेश सरकार उनके परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।
फिलहाल पत्नी की अनुकंपा नियुक्ति और शहीद का दर्जा देने के निर्णय की जानकारी विधायक ने दी है। संबंधित विभागों के औपचारिक आदेश और नियुक्ति प्रक्रिया का विवरण सामने आना बाकी है।





