धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान कृष्ण पर विवादित बयान को लेकर दी सफाई, बोले- हम खुद ठाकुर जी के भक्त हैं, अर्थ का अनर्थ न निकालें

छतरपुर। भगवान श्रीकृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर विरोध का सामना कर रहे बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अब सफाई दी है। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण को लेकर उन्होंने जो टिप्पणी की थी, वह विनोद और प्रेम के भाव में कही गई थी। उसका गलत अर्थ नहीं निकाला जाना चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री ने खुद को भगवान कृष्ण का भक्त बताते हुए कहा कि वे कभी ठाकुर जी के विरोधी नहीं हो सकते। दरअसल, शिवपुरी जिले के करैरा में कथा के दौरान भगवान कृष्ण पर की गई उनकी टिप्पणी को लेकर यदुवंशी समाज सहित अन्य लोगों ने नाराजगी जताई थी।
करैरा की कथा में भगवान कृष्ण पर दिया था बयान
हाल ही में शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित कथा के दौरान पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान राम और कृष्ण का उल्लेख करते हुए एक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था, "हम राम जी वाले हैं, तुम्हारे वाले टेढ़े हैं, कृष्ण नाम में रकार खतरनाक है।"
उनका यह बयान सामने आने के बाद विवाद शुरू हो गया। विशेष रूप से यदुवंशी समाज के लोगों ने टिप्पणी पर आपत्ति जताई। विरोध करने वालों का कहना था कि भगवान कृष्ण के संबंध में इस तरह की टिप्पणी से धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
बोले- कभी-कभी विनोद में कुछ कह जाते हैं
विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान का आशय स्पष्ट करते हुए कहा, "कभी-कभी हम विनोद में कुछ भी कह जाते हैं, भाव में बोल जाते हैं, उसका अर्थ का अनर्थ मत निकालो। हमारे नाम में भी कृष्ण है। ठाकुर जी तो टेढ़े हैं ही, बंसी वाले। जिससे ज्यादा प्रेम होता है, उससे ऐसी बात कही जाती है।"
उन्होंने कहा कि भगवान के प्रति प्रेम व्यक्त करने के कई तरीके होते हैं। उनकी टिप्पणी भी इसी भाव में की गई थी। इसे भगवान कृष्ण के अपमान या विरोध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
गोपियों के भ्रमर गीत का दिया उदाहरण
अपनी सफाई में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने भक्ति साहित्य का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की अभिव्यक्ति को 'व्याज स्तुति' कहा जाता है।
उन्होंने बताया कि गोपियां भी भ्रमर गीत में भगवान कृष्ण को कपटी तक कहती हैं। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं होता कि वे भगवान का अपमान कर रही हैं। यह उनके प्रेम और भक्ति को व्यक्त करने का एक तरीका है।
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि भगवान कृष्ण के प्रति उनका भी गहरा प्रेम और समर्पण है।
विरोधियों पर कसा तंज, बोले- प्रसिद्ध होना है तो बाबा बागेश्वर का विरोध करो
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने अपने बयान का विरोध करने वालों पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि आजकल एक नया चलन शुरू हो गया है। अगर किसी को जल्दी प्रसिद्ध होना है तो वह बाबा बागेश्वर का विरोध करने लगता है।
उन्होंने कहा कि उनकी बातों का गलत अर्थ निकालकर अनावश्यक विवाद पैदा नहीं किया जाना चाहिए।
'जग में सुंदर हैं दो नाम राम और श्याम'
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि वे भगवान राम के साथ भगवान कृष्ण के भी अनन्य भक्त हैं। उनके मन में ठाकुर जी के प्रति अपार श्रद्धा है और वे कभी कृष्ण विरोधी नहीं हो सकते।
उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा, "जग में सुंदर हैं दो नाम – राम और श्याम।"
भगवान कृष्ण को लेकर दिए गए बयान पर धीरेंद्र शास्त्री की सफाई के बाद अब यह देखना होगा कि यदुवंशी समाज और अन्य विरोध करने वाले संगठन इस पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं।





