दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन यात्रा पर BJP-कांग्रेस में घमासान, ‘राजनीतिक जनाजे’ वाले बयान पर पलटवार

राजगढ़। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की ‘सत्य सनातन यात्रा’ को लेकर राजगढ़ जिले में भाजपा और कांग्रेस के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। भाजपा विधायक अमर सिंह यादव के बयान के बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने पलटवार करते हुए भाजपा नेताओं पर निशाना साधा। दोनों पक्षों के बयानों के बाद जिले की राजनीति में विवाद गरमा गया है।
BJP विधायक बोले- लोकसभा चुनाव में ही निकाल चुके जनाजा
विवाद की शुरुआत भाजपा विधायक अमर सिंह यादव के उस बयान से हुई, जिसमें उन्होंने दिग्विजय सिंह की पदयात्रा पर तंज कसते हुए कहा, “आशिक का जनाजा तो हम राजगढ़ लोकसभा चुनाव में ही निकाल चुके हैं।” उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि मुख्यमंत्री के रूप में 10 साल के कार्यकाल के दौरान दिग्विजय सिंह ने सनातन और धार्मिक यात्राएं क्यों नहीं कीं।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष का पलटवार
भाजपा विधायक के बयान पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रियव्रत सिंह ने जवाब देते हुए कहा कि अमर सिंह यादव को दूसरों का राजनीतिक जनाजा निकालने की बात नहीं करनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए दावा किया कि विधायक का राजनीतिक जनाजा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) और जल निगम के महाप्रबंधक (जीएम) पहले ही निकाल चुके हैं। यह प्रियव्रत सिंह की राजनीतिक टिप्पणी थी।
हजारी लाल डांगी पर भी साधा निशाना
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने खिलचीपुर से भाजपा विधायक हजारी लाल डांगी पर भी अवसरवादिता का आरोप लगाया। प्रियव्रत सिंह ने दावा किया कि दिग्विजय सिंह के मुख्यमंत्री रहने के दौरान डांगी उनके करीब थे और सत्ता बदलने के बाद भाजपा में चले गए। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे नेता विचारधारा के बजाय निजी स्वार्थ को प्राथमिकता देते हैं।
2028 के चुनाव को लेकर कांग्रेस का दावा
प्रियव्रत सिंह ने आगामी विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि वर्ष 2028 में जनता वोट के जरिए ऐसे नेताओं को जवाब देगी। उन्होंने दावा किया कि मतदाता नेताओं की कथनी और करनी को समझ चुके हैं।
दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन यात्रा को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का मुद्दा बन गया है। दोनों दलों के नेताओं के बयानों के बीच यात्रा और उसके उद्देश्य को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है।




