Gwalior Telecom Manufacturing Zone: 29 अक्टूबर को अमित शाह करेंगे भूमिपूजन, ₹5,500 करोड़ का निवेश और 18 हजार रोजगार

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एशिया का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन आकार लेने जा रहा है। 29 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस महत्वाकांक्षी परियोजना का भूमिपूजन करेंगे। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निमंत्रण को अमित शाह ने स्वीकार कर लिया है। प्रस्तावित टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में औद्योगिक निवेश और रोजगार के नए केंद्र के तौर पर विकसित किया जा रहा है।
यह परियोजना ग्वालियर के श्रीमंत माधवराव सिंधिया काउंटर मैग्नेट सिटी यानी SADA और ग्वालियर आईटी पार्क क्षेत्र में विकसित की जाएगी। पहले चरण के लिए करीब 170 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। केंद्र सरकार इस चरण के बुनियादी ढांचे के लिए ₹493 करोड़ की 100 प्रतिशत वित्तीय सहायता दे रही है, जबकि मध्य प्रदेश सरकार ने करीब 170 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई है। परियोजना के लिए बनाए गए विशेष प्रयोजन वाहन (SPV) में मध्य प्रदेश सरकार की 51 प्रतिशत और दूरसंचार विभाग की 49 प्रतिशत हिस्सेदारी है।
₹5,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव, 18 हजार से ज्यादा रोजगार
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के लिए अब तक करीब ₹5,500 करोड़ के निवेश प्रस्ताव सामने आ चुके हैं। सरकार के मुताबिक इससे 18 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। करीब 24 वैश्विक कंपनियों ने परियोजना में इकाइयां स्थापित करने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है।
परियोजना को सिर्फ टेलीकॉम उपकरण बनाने वाले कारखानों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां टेलीकॉम उपकरण और कंपोनेंट्स के निर्माण के साथ रिसर्च एंड डेवलपमेंट, डिजाइन, टेस्टिंग और इनोवेशन से जुड़ा पूरा औद्योगिक इकोसिस्टम विकसित करने की योजना है। मोबाइल उपकरण, ऑप्टिकल फाइबर और अगली पीढ़ी की 5G-6G तकनीकों से जुड़े उद्योग भी इस क्लस्टर का हिस्सा होंगे।
दिल्ली और मुंबई में रोड शो से जुटा निवेश
परियोजना में निवेश आकर्षित करने के लिए दिल्ली और मुंबई में निवेशकों के साथ बैठकें और रोड शो किए गए। दिल्ली में करीब ₹3,500 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता सामने आई, जिससे लगभग 14 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई। इसके बाद मुंबई में करीब ₹2,000 करोड़ के निवेश की प्रतिबद्धता मिली, जिससे लगभग 4 हजार रोजगार के अवसर बनने की उम्मीद है। इन दोनों चरणों के बाद कुल निवेश प्रतिबद्धता करीब ₹5,500 करोड़ तक पहुंची।
प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर विकसित होगा जोन
टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन को प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर विकसित करने की योजना है। यानी कंपनियों को पहले से तैयार बुनियादी ढांचा और साझा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उन्हें अपनी औद्योगिक गतिविधियां शुरू करने में आसानी होगी।
परियोजना को ग्वालियर को टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग के बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के तौर पर देखा जा रहा है। 29 अक्टूबर को अमित शाह की मौजूदगी में होने वाला भूमिपूजन इस परियोजना के अगले चरण की शुरुआत का संकेत होगा।





