Indore Police News: डायल 112 वाहन से बदमाश के घर शराब पीने पहुंचे ASI और हेड कांस्टेबल, DCP ने दोनों को किया लाइन अटैच

इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। तिलक नगर थाने में पदस्थ एक सहायक उप निरीक्षक (ASI) और हेड कांस्टेबल पर ड्यूटी के दौरान सरकारी वाहन डायल 112 से एक बदमाश के घर पहुंचकर शराब पीने का आरोप लगा है। स्थानीय रहवासियों की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद डीसीपी जोन-2 अमन सिंह राठौर ने दोनों पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है। मामले की जांच एसीपी खजराना आशीष पटेल को सौंपी गई है। जांच में डायल 112 वाहन के चालक की भूमिका भी देखी जा रही है।
ड्यूटी छोड़कर बदमाश के घर पहुंचे पुलिसकर्मी
जानकारी के अनुसार, तिलक नगर थाने में पदस्थ एएसआई श्रीराम परमार और हेड कांस्टेबल विनोद सक्सेना पर ड्यूटी के दौरान ग्राम बिहाड़िया स्थित एक स्थानीय बदमाश के घर जाने का आरोप है।
बताया जा रहा है कि दोनों पुलिसकर्मी वहां शराब पीने के लिए पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने निजी वाहन के बजाय आपातकालीन पुलिस सेवा के लिए उपलब्ध सरकारी वाहन डायल 112 का इस्तेमाल किया।
ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों के इस तरह किसी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति के घर जाने और उसके साथ शराब पीने के आरोपों ने पुलिस अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद खुला मामला
पुलिसकर्मियों की गतिविधियों का मामला इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद उजागर हुआ।
जानकारी के मुताबिक, फुटेज में सरकारी पुलिस वाहन से संबंधित स्थान पर पहुंचने की गतिविधियां दिखाई देने की बात सामने आई है।
स्थानीय रहवासियों ने भी पुलिसकर्मियों की गतिविधियों पर आपत्ति जताते हुए वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की।
शिकायत और सीसीटीवी फुटेज की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और दोनों कर्मचारियों के खिलाफ प्रारंभिक कार्रवाई की।
हालांकि शराब पीने के आरोप और संबंधित व्यक्ति के साथ पुलिसकर्मियों के संबंधों की पूरी स्थिति विभागीय जांच के बाद स्पष्ट होगी।
डीसीपी अमन सिंह राठौर ने दोनों को किया लाइन अटैच
मामला वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचने के बाद डीसीपी जोन-2 अमन सिंह राठौर ने एएसआई श्रीराम परमार और हेड कांस्टेबल विनोद सक्सेना को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच करने के आदेश दिए।
दोनों पुलिसकर्मियों को थाने की नियमित ड्यूटी से हटाकर पुलिस लाइन से संबद्ध किया गया है।
इस कार्रवाई के साथ ही पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच के निर्देश भी दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारी यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि दोनों कर्मचारी किस उद्देश्य से संबंधित व्यक्ति के घर गए थे और उस समय उनकी ड्यूटी कहां निर्धारित थी।
डायल 112 के चालक की भूमिका भी जांच के दायरे में
इस मामले में सरकारी वाहन डायल 112 के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
डायल 112 वाहन का उपयोग आपातकालीन परिस्थितियों में लोगों को पुलिस सहायता उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है। ऐसे में कथित शराब पार्टी के लिए इस वाहन का इस्तेमाल होना गंभीर मामला माना जा रहा है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि वाहन के पायलट यानी चालक को पुलिसकर्मियों के वहां जाने के उद्देश्य की जानकारी थी या नहीं।
इसके अलावा वाहन के मूवमेंट और ड्यूटी से संबंधित रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।
एसीपी आशीष पटेल को सौंपी गई पूरे मामले की जांच
डीसीपी ने पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच एसीपी खजराना आशीष पटेल को सौंपी है।
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, स्थानीय लोगों की शिकायत और संबंधित पुलिसकर्मियों के बयान के आधार पर घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाएगी।
इसके साथ ही यह भी देखा जाएगा कि दोनों पुलिसकर्मियों ने सरकारी वाहन के इस्तेमाल और ड्यूटी से संबंधित नियमों का उल्लंघन किया था या नहीं।
जांच रिपोर्ट के बाद हो सकती है विभागीय कार्रवाई
फिलहाल दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। यह प्रारंभिक प्रशासनिक कार्रवाई है, जबकि उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों की विस्तृत जांच अभी बाकी है।
जांच रिपोर्ट में यदि ड्यूटी के दौरान शराब पीने, सरकारी वाहन का दुरुपयोग करने या अनुशासनहीनता के आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ आगे विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।
इस मामले ने पुलिस की आपातकालीन सेवा के लिए उपलब्ध वाहनों की निगरानी और ड्यूटी के दौरान कर्मचारियों की जवाबदेही को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।





