MP IAS Promotion 2027: मध्यप्रदेश में 19 IAS अफसरों को मिलेगा प्रमोशन, 3 बनेंगे प्रमुख सचिव, GAD ने शुरू की प्रक्रिया

भोपाल। मध्यप्रदेश में नए साल की शुरुआत के साथ भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के 19 अधिकारियों को पदोन्नति मिलने की तैयारी है। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने 1 जनवरी 2027 से प्रस्तावित पदोन्नति के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत तीन अधिकारियों को प्रमुख सचिव स्तर पर पदोन्नति मिलने की संभावना है, जबकि 16 अन्य आईएएस अधिकारियों को भी उच्च वेतनमान और पदोन्नति का लाभ मिलेगा। इस सूची में संजय गोयल, निशांत वरवड़े, ज्ञानेश्वर पाटिल, रुचिका चौहान, नेहा मारव्या और चंद्रमौली शुक्ला सहित कई अधिकारी शामिल बताए जा रहे हैं।
तीन अधिकारी बनेंगे प्रमुख सचिव, 16 को मिलेगा प्रमोशन
राज्य सरकार की प्रस्तावित पदोन्नति प्रक्रिया में कुल 19 आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें तीन अधिकारियों को प्रमुख सचिव स्तर पर पदोन्नत किया जाना प्रस्तावित है।
इसके अलावा 16 अन्य अधिकारियों को उनकी वरिष्ठता, सेवा अवधि और पात्रता के आधार पर पदोन्नति दी जाएगी।
इन अधिकारियों में विभिन्न जिलों में कलेक्टर के रूप में पदस्थ रहे अधिकारी और निगम-मंडलों सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर जिम्मेदारी संभाल रहे आईएएस शामिल हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग ने पदोन्नति से संबंधित आवश्यक औपचारिकताओं को पूरा करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
संजय गोयल और निशांत वरवड़े समेत कई अफसरों के नाम
प्रस्तावित पदोन्नति प्रक्रिया में संजय गोयल, निशांत वरवड़े और ज्ञानेश्वर पाटिल जैसे वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के नाम शामिल बताए जा रहे हैं।
इसके अलावा रुचिका चौहान, नेहा मारव्या और चंद्रमौली शुक्ला सहित वर्ष 2012 बैच के कई अधिकारियों को भी पदोन्नति का लाभ मिलने की संभावना है।
इनमें से कई अधिकारी वर्तमान में जिलों और विभिन्न शासकीय संस्थाओं में महत्वपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभाल रहे हैं।
हालांकि पदोन्नति की अंतिम सूची विभागीय पदोन्नति समिति की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
लोकायुक्त और EOW से मांगी गई जांच रिपोर्ट
पदोन्नति प्रक्रिया के तहत सामान्य प्रशासन विभाग ने संबंधित अधिकारियों के संबंध में लोकायुक्त और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) से अद्यतन जांच रिपोर्ट मांगी है।
विभाग ने दोनों एजेंसियों से नवंबर के दूसरे सप्ताह तक आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है।
इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पदोन्नति के लिए विचाराधीन अधिकारियों के खिलाफ किसी लंबित जांच या अन्य प्रकरण की स्थिति स्पष्ट हो सके।
रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों की पात्रता और अन्य सेवा संबंधी रिकॉर्ड का परीक्षण किया जाएगा।
DPC की बैठक में लगेगी अंतिम मुहर
लोकायुक्त और ईओडब्ल्यू से आवश्यक रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की बैठक आयोजित की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों की वरिष्ठता, सेवा रिकॉर्ड, पात्रता और आवश्यक मंजूरियों के आधार पर पदोन्नति के प्रस्तावों पर विचार किया जाएगा।
समिति की अनुशंसा और शासन की स्वीकृति के बाद पदोन्नति आदेश जारी किए जाएंगे।
1 जनवरी 2027 से प्रभावी हो सकते हैं आदेश
सामान्य प्रशासन विभाग की तैयारी के अनुसार आईएएस अधिकारियों की प्रस्तावित पदोन्नति 1 जनवरी 2027 से प्रभावी हो सकती है।
हालांकि अभी प्रक्रिया प्रारंभिक चरण में है और अंतिम निर्णय आवश्यक जांच रिपोर्ट तथा डीपीसी की अनुशंसा के बाद लिया जाएगा।
इस पदोन्नति प्रक्रिया के पूरा होने पर प्रदेश के कई आईएएस अधिकारियों को उच्च प्रशासनिक स्तर पर काम करने का अवसर मिलेगा। साथ ही राज्य की वरिष्ठ प्रशासनिक व्यवस्था में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।





