MP Swamitva Yojana: मध्यप्रदेश में 15.98 लाख से ज्यादा संपत्तियों की रजिस्ट्री पूरी, छिंदवाड़ा सबसे आगे, ग्रामीणों को मिलेगा मालिकाना अधिकार

भोपाल। मध्यप्रदेश में ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय भूमि और मकानों का वैधानिक मालिकाना अधिकार देने के लिए संचालित स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन योजना के तहत अब तक 15 लाख 98 हजार 46 रजिस्ट्रियां पूरी की जा चुकी हैं। प्रदेश के सभी 55 जिलों में योजना का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले पात्र परिवारों को उनकी संपत्ति के कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों की मदद से ग्रामीण अपनी संपत्ति के आधार पर बैंक ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे। योजना के तहत सबसे अधिक 74 हजार 2 रजिस्ट्रियां छिंदवाड़ा जिले में हुई हैं।
ग्रामीणों को निशुल्क मिल रहा संपत्ति का मालिकाना अधिकार
स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण आबादी भूमि पर बने पात्र मकानों और भूखंडों का पंजीयन निशुल्क किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्ति का वैधानिक अधिकार उपलब्ध कराना है।
संपत्ति का अधिकार अभिलेख मिलने से ग्रामीणों को अपनी जमीन और मकान के स्वामित्व का दस्तावेजी प्रमाण प्राप्त हो रहा है। इससे संपत्ति से संबंधित विवादों को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा ग्रामीण परिवार इन दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से ऋण और अन्य वित्तीय सुविधाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
सारा ऐप और संपदा 2.0 से हो रहा पंजीयन
योजना के क्रियान्वयन में डिजिटल तकनीक का भी उपयोग किया जा रहा है। पंजीयन और सत्यापन की प्रक्रिया को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए 'सारा' ऐप और 'संपदा 2.0' का इस्तेमाल किया जा रहा है।
इन डिजिटल माध्यमों से संपत्ति संबंधी अभिलेखों का संधारण, मौके पर सत्यापन और पंजीयन की प्रक्रिया को व्यवस्थित किया गया है।
राजस्व विभाग के अनुसार, डिजिटल व्यवस्था से ग्रामीणों को संपत्ति संबंधी दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आसान हुई है।
छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा 74 हजार रजिस्ट्रियां
स्वामित्व योजना के तहत पंजीयन के मामले में छिंदवाड़ा जिला प्रदेश में पहले स्थान पर है। यहां अब तक 74 हजार 2 रजिस्ट्रियां पूरी की गई हैं।
इसके बाद राजगढ़ में 64 हजार 880, उज्जैन में 62 हजार 244, सागर में 56 हजार 143 और सिवनी में 55 हजार 910 रजिस्ट्रियां हुई हैं।
छतरपुर में 55 हजार 381, जबलपुर में 54 हजार 573, बालाघाट में 53 हजार 228 और शिवपुरी में 51 हजार 855 संपत्तियों का पंजीयन पूरा किया गया है।
इन जिलों में भी 40 हजार से ज्यादा रजिस्ट्रियां
नरसिंहपुर जिले में 49 हजार 896, मंदसौर में 49 हजार 552, रायसेन में 45 हजार 333 और धार में 45 हजार 311 रजिस्ट्रियां पूरी की गई हैं।
विदिशा में 44 हजार 25, बैतूल में 42 हजार 743 और नीमच में 41 हजार 839 संपत्तियों का पंजीयन हुआ है।
सीहोर में 39 हजार 713, खंडवा में 38 हजार 418, खरगोन में 36 हजार 275 और कटनी में 35 हजार 659 रजिस्ट्रियां पूरी हो चुकी हैं।
भोपाल में 10 हजार 887 और इंदौर में 30 हजार 141 रजिस्ट्रियां
राजधानी भोपाल में स्वामित्व योजना के तहत अब तक 10 हजार 887 रजिस्ट्रियां पूरी की गई हैं। वहीं इंदौर जिले में यह आंकड़ा 30 हजार 141 है।
शाजापुर में 34 हजार 316, देवास में 33 हजार 1, नर्मदापुरम में 31 हजार 682, मंडला में 29 हजार 504 और दमोह में 28 हजार 181 रजिस्ट्रियां पूरी की गई हैं।
सतना में 25 हजार 987 और गुना में 25 हजार 588 संपत्तियों का पंजीयन हुआ है।
बड़वानी से ग्वालियर तक पंजीयन का काम जारी
बड़वानी जिले में 24 हजार 881, भिंड में 24 हजार 340, रतलाम में 23 हजार 736, पन्ना में 21 हजार 178 और बुरहानपुर में 21 हजार 150 रजिस्ट्रियां पूरी हुई हैं।
मुरैना में 20 हजार 947, हरदा में 20 हजार 185, डिंडोरी में 19 हजार 920 और ग्वालियर में 19 हजार 623 रजिस्ट्रियां की गई हैं।
अशोकनगर में 19 हजार 290, रीवा में 19 हजार 220, आगर-मालवा में 17 हजार 651 और टीकमगढ़ में 16 हजार 960 संपत्तियों का पंजीयन हुआ है।
दतिया में 15 हजार 242, श्योपुर में 14 हजार 381 और निवाड़ी में 10 हजार 24 रजिस्ट्रियां पूरी की गई हैं।
नए जिलों में भी मिल रहा योजना का लाभ
प्रदेश के नवगठित जिलों सहित अन्य क्षेत्रों में भी स्वामित्व योजना का काम जारी है।
पांढुर्णा में 9 हजार 416 और मैहर में 9 हजार 100 रजिस्ट्रियां पूरी की गई हैं।
झाबुआ में 8 हजार 629, सीधी में 4 हजार 41, सिंगरौली में 2 हजार 588 और आलीराजपुर में 2 हजार 253 संपत्तियों का पंजीयन हुआ है।
शहडोल में 2 हजार 73, उमरिया में 1 हजार 983, अनूपपुर में 1 हजार 703 और मऊगंज में 1 हजार 265 रजिस्ट्रियां पूरी की जा चुकी हैं।
शेष पात्र परिवारों को भी मिलेंगे अधिकार अभिलेख
राजस्व विभाग के अनुसार, प्रदेश के सभी 55 जिलों में स्वामित्व योजना के तहत पंजीयन का कार्य लगातार जारी है।
विभाग द्वारा शेष पात्र हितग्राहियों को निर्धारित समय-सीमा में संपत्ति के अधिकार अभिलेख उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है।
योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को उनकी आवासीय संपत्ति का कानूनी अधिकार देने के साथ बैंकिंग सुविधाओं तक उनकी पहुंच आसान बनाना और संपत्ति संबंधी विवादों में कमी लाना है।





