Khategaon TI Dilip Puri Murder Case: शराब तस्कर राहुल जायसवाल की 3 बसें जब्त, दो आरोपियों के पैर में लगी गोली, गुजरात तक पहुंची जांच

देवास। मध्यप्रदेश के देवास जिले में खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई तेज हो गई है। शराब तस्करी नेटवर्क के कथित सरगना राहुल जायसवाल से जुड़ी तीन बसों को बुधवार को अलग-अलग स्थानों से जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। वहीं, टीआई को ट्रक से कुचलने के मामले में गिरफ्तार दो आरोपियों के पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगी है। पुलिस अब शराब तस्करी के नेटवर्क की आर्थिक और कारोबारी कड़ियों की जांच कर रही है। इसके लिए जांच टीमों को गुजरात और हरदा जिले के टिमरनी भेजने की तैयारी है।
राहुल जायसवाल की तीन बसें जब्त, दस्तावेजों की जांच
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार को राहुल जायसवाल से जुड़ी तीन यात्री बसों को अलग-अलग स्थानों से जब्त किया गया। इनमें एक बस बिजवाड़, दूसरी कांटाफोड़ और तीसरी डबल चौकी क्षेत्र से जब्त की गई। जब्ती के दौरान बसों में सवार यात्रियों को दूसरे वाहनों की मदद से उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। दो बसों को कांटाफोड़ थाने और एक बस को डबल चौकी में खड़ा कराया गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस इन बसों के फिटनेस प्रमाणपत्र, परमिट और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही बसों के स्वामित्व और कारोबारी संबंधों की भी पड़ताल की जा सकती है। हालांकि पुलिस ने बसों की जब्ती की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
पुलिस मुठभेड़ में दो आरोपियों के पैर में लगी गोली
टीआई दिलीप पुरी हत्याकांड में फरार चल रहे आयशर वाहन चालक गजेंद्र उर्फ अक्कू और उसके सहयोगी धीरज को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने अलग-अलग थाना क्षेत्रों में पुलिस अभिरक्षा से भागने और पुलिसकर्मियों के हथियार छीनकर हमला करने का प्रयास किया था। इस दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपियों के दाहिने पैर में गोली लगी। घायल आरोपियों को पहले देवास जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को इंदौर रेफर कर दिया गया।
गजेंद्र पर घोषित था 10 हजार रुपये का इनाम
पुलिस के अनुसार, आरोपी गजेंद्र उर्फ अक्कू घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बुधवार को पुलिस ने उसे बरोठा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया। वहीं, दूसरे आरोपी धीरज पर बैंक नोट प्रेस थाना क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा से भागने और पुलिसकर्मियों पर हमला करने की कोशिश करने का आरोप है। दोनों मामलों में गोली चलने की परिस्थितियों के संबंध में पुलिस का पक्ष सामने आया है।
राहुल जायसवाल सहित तीन आरोपी सात दिन की रिमांड पर
पुलिस इस मामले में कथित शराब तस्करी नेटवर्क के सरगना राहुल जायसवाल को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इसके अलावा इंदौर के वकील विजय राव और वाहन उपलब्ध कराने के आरोपी केरम सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। विजय राव पर मामले में मध्यस्थता कराने का आरोप है, जबकि केरम सिंह पर शराब परिवहन के लिए वाहन उपलब्ध कराने का आरोप लगाया गया है। अदालत ने तीनों आरोपियों को सात दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस उनसे शराब की खरीद-फरोख्त, परिवहन, आर्थिक लेनदेन और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ कर रही है।
गुजरात में शराब खरीदने वालों और फाइनेंसर की तलाश
टीआई हत्याकांड की जांच अब मध्यप्रदेश से बाहर गुजरात तक पहुंच सकती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच के लिए कुछ टीमें गुजरात भेजने की तैयारी की जा रही है। प्रारंभिक जांच में जानकारी सामने आई है कि गुजरात भेजने से पहले शराब को सीमा के नजदीक एक स्थान पर जमा किया जाता था। इसके बाद शराब की खेप को छोटे-छोटे हिस्सों में आगे भेजा जाता था। पुलिस गुजरात में शराब खरीदने वाले लोगों की पहचान करने के साथ नेटवर्क के कथित साझेदारों और आर्थिक सहयोगियों की तलाश करेगी। इस मामले में कथित फाइनेंसर मोहिन जायसवाल की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
टिमरनी के तीन शराब ठेकों का रिकॉर्ड खंगालेगी पुलिस
पुलिस की जांच हरदा जिले के टिमरनी तक भी पहुंचने वाली है। जानकारी के अनुसार, पुलिस की टीमें टिमरनी के तीन शराब ठेकों से संबंधित दस्तावेजों की जांच करेंगी। इनमें शराब के स्टॉक रजिस्टर, बिल-वाउचर, खरीद-बिक्री का रिकॉर्ड, साझेदारों के बीच आर्थिक लेनदेन और बैंक खातों से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि शराब की आपूर्ति कहां से हो रही थी और इसके परिवहन तथा वित्तीय लेनदेन में किन लोगों की भूमिका थी।
22 सदस्यीय SIT कर रही हत्याकांड की जांच
खातेगांव टीआई दिलीप पुरी हत्याकांड की जांच के लिए 22 सदस्यीय विशेष जांच टीम गठित की गई है। इस टीम का नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौम्या जैन कर रही हैं। मामले में हत्या, शासकीय कार्य में बाधा और आबकारी अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। एसआईटी शराब तस्करी नेटवर्क की पूरी कार्यप्रणाली, आर्थिक स्रोतों, परिवहन व्यवस्था और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब तस्करी के इस नेटवर्क में कितने लोग शामिल थे और इसकी गतिविधियां किन-किन क्षेत्रों तक फैली हुई थीं।
खातेगांव थाने में बनेगा टीआई दिलीप पुरी का शहीद स्मारक
कर्तव्य निभाते हुए जान गंवाने वाले थाना प्रभारी दिलीप पुरी की स्मृति में खातेगांव थाना परिसर में शहीद स्मारक बनाया जाएगा। देवास पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने इसकी जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि टीआई दिलीप पुरी के बलिदान को सम्मान देने के लिए थाना परिसर में स्मारक का निर्माण कराया जाएगा। इस बीच पुलिस हत्याकांड के आरोपियों के साथ शराब तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच में जुटी हुई है।





