Mamata Banerjee News: TMC का चुनाव चिन्ह फ्रीज, फुटबॉल खिलाड़ी मिला; नंदीग्राम की उम्मीदवार संचिता ने भी नाम वापस लिया

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में 18 सितंबर को ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट के सामने एक के बाद एक बड़े घटनाक्रम सामने आए। चुनाव आयोग ने पार्टी के पुराने नाम और चुनाव चिन्ह को फ्रीज करते हुए ममता बनर्जी के गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम और ‘Football Player’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया। इसी दिन नंदीग्राम उपचुनाव के लिए ममता गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया।
संचिता के नामांकन वापस लेने से नंदीग्राम उपचुनाव का समीकरण बदल गया है। यह घटनाक्रम उनके पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री और नंदीग्राम के विधायक शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के कुछ घंटों बाद सामने आया। हालांकि, उपलब्ध रिपोर्टों में मुलाकात और नाम वापसी के बीच किसी कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
चुनाव आयोग ने फ्रीज किया TMC का पुराना नाम और चुनाव चिन्ह
तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे संगठनात्मक विवाद के बीच चुनाव आयोग ने दोनों गुटों के लिए अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह आवंटित किए हैं।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘Mamata All India Trinamool Congress’ नाम के साथ फुटबॉल खिलाड़ी का चुनाव चिन्ह मिला है। वहीं प्रतिद्वंद्वी गुट को ‘Democratic Trinamool Congress’ नाम और लिफाफा चुनाव चिन्ह दिया गया है।
ये नाम और चिन्ह आगामी उपचुनावों के लिए लागू होंगे, जबकि मूल TMC नाम और ‘जोड़ाफूल’ चिन्ह को लेकर विवाद पर आयोग की प्रक्रिया जारी है।
नंदीग्राम से उम्मीदवार बनीं संचिता ने वापस लिया नाम
ममता गुट ने 13 सितंबर को नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव के लिए संचिता प्रधान डे को उम्मीदवार घोषित किया था। वह एक नया चेहरा थीं और पार्टी ने उन्हें शुभेंदु अधिकारी की खाली हुई सीट से मैदान में उतारा था।
18 सितंबर को संचिता ने अचानक चुनावी मुकाबले से हटने का फैसला किया। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्होंने नबान्न में शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। इसके बाद नामांकन वापस लेने की खबर सामने आई।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, संचिता अपने पति सत्यजीत के साथ नबान्न पहुंची थीं और बाद में उन्होंने नामांकन वापस ले लिया।
नाम वापसी के कारणों को लेकर अभी कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। इसलिए शुभेंदु से मुलाकात को सीधे नाम वापसी का कारण बताना अभी उचित नहीं होगा।
अब नंदीग्राम में कांग्रेस को ममता गुट का समर्थन
संचिता के चुनाव से हटने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की है। इससे उपचुनाव में विपक्षी INDIA गठबंधन के भीतर एक नया समीकरण बन गया है।
नंदीग्राम वही सीट है जहां 2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी आमने-सामने थे। उस चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को पराजित किया था। बाद में शुभेंदु बीजेपी के साथ रहे और राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बने।
2026 में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट से जीत हासिल करने के बाद विधानसभा की सदस्यता छोड़ दी, जिसके कारण यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।
6 अक्टूबर को मतदान, 9 अक्टूबर को नतीजा
नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए 6 अक्टूबर 2026 को मतदान प्रस्तावित है, जबकि मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 16 सितंबर थी और नाम वापसी की अंतिम तारीख 19 सितंबर है।
संचिता के नाम वापस लेने के बाद अब इस सीट पर बीजेपी, कांग्रेस और अन्य उम्मीदवारों के बीच मुकाबले की तस्वीर सामने आ रही है।
ममता गुट के सामने संगठनात्मक चुनौती
TMC के भीतर चल रहे विवाद ने चुनाव आयोग के स्तर पर भी पार्टी की पहचान को प्रभावित किया है। ममता बनर्जी के गुट को नया नाम और नया चुनाव चिन्ह मिलने के बाद आगामी उपचुनाव उसके लिए पुराने TMC ब्रांड और ‘जोड़ाफूल’ चिन्ह के बिना चुनाव लड़ने की पहली बड़ी परीक्षा होगी।
वहीं नंदीग्राम में पार्टी उम्मीदवार के नाम वापस लेने के बाद ममता बनर्जी का कांग्रेस को समर्थन देना इस उपचुनाव को और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बनाता है।





