MP Anukampa Niyukti: मध्यप्रदेश में अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों के लिए विशेष अभियान, पदोन्नति से खाली पदों पर मिलेगी नौकरी

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने वर्षों से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का निराकरण करने के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है। हाल ही में प्रदेश के विभिन्न विभागों में हुई पदोन्नतियों के बाद खाली हुए पदों पर दिवंगत शासकीय कर्मचारियों के पात्र आश्रितों को नियुक्ति देने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला अधिकारियों को लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश जारी किए हैं। सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से अनुकंपा नियुक्ति का इंतजार कर रहे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।
पदोन्नति से खाली हुए पदों पर मिलेगी नियुक्ति
सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, प्रदेश के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में उपयुक्त पद खाली नहीं होने के कारण अनुकंपा नियुक्ति के अनेक मामले लंबे समय से लंबित थे। पिछले महीने राज्य सरकार ने विशेष अभियान चलाकर बड़ी संख्या में शासकीय कर्मचारियों की पदोन्नतियां की थीं। इसके बाद विभिन्न विभागों और संवर्गों में कई पद रिक्त हुए हैं। अब शासन ने इन रिक्त पदों पर पात्र आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति देने के लिए लंबित आवेदनों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए हैं।
सभी विभागों को प्राथमिकता से कार्रवाई के निर्देश
सामान्य प्रशासन विभाग ने प्रदेश के सभी विभागाध्यक्षों, संभागायुक्तों और जिला अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने कार्यालयों में अनुकंपा नियुक्ति के लंबित मामलों की समीक्षा करें। इसके तहत उपलब्ध रिक्त पदों और आवेदकों की शैक्षणिक योग्यता तथा निर्धारित पात्रता के आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। शासन ने स्पष्ट किया है कि जिन मामलों में पद उपलब्ध नहीं होने के कारण नियुक्ति नहीं हो पा रही थी, उनका प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के निर्देश पर शुरू होगा अभियान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के सभी प्रशासनिक विभागों में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के मामलों का समाधान करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने शुक्रवार को सभी संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई करने के लिए कहा है। इस अभियान का उद्देश्य अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे पात्र परिवारों को जल्द राहत पहुंचाना और लंबे समय से लंबित आवेदनों का निपटारा करना है।
दस दिन में 954 परिजनों को मिली थी अनुकंपा नियुक्ति
इससे पहले स्कूल शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के मामलों के निराकरण के लिए विशेष पहल की गई थी। लोक शिक्षण आयुक्त की पहल पर महज दस दिनों के भीतर दिवंगत शिक्षकों और कर्मचारियों के 954 पात्र परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी गई थी। इस कार्रवाई के बाद मुख्यमंत्री ने अन्य सरकारी विभागों में भी इसी तरह अभियान चलाकर लंबित मामलों का निराकरण करने के निर्देश दिए। अब यह प्रक्रिया प्रदेश के सभी संबंधित विभागों में आगे बढ़ाई जाएगी।
क्या है अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान?
अनुकंपा नियुक्ति की व्यवस्था के तहत सेवाकाल के दौरान किसी शासकीय कर्मचारी की मृत्यु होने पर उसके पात्र आश्रित को निर्धारित नियमों और शर्तों के अनुसार सरकारी नौकरी देने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य दिवंगत कर्मचारी के परिवार को आर्थिक कठिनाइयों से उबरने में सहायता प्रदान करना है। हालांकि, अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदक की पात्रता, शैक्षणिक योग्यता और संबंधित पद की उपलब्धता सहित निर्धारित शर्तों को पूरा करना आवश्यक होता है। सरकार के नए अभियान से ऐसे परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके आवेदन लंबे समय से लंबित हैं।
संजीवनी क्लीनिकों में 164 संविदा डॉक्टरों की नियुक्ति
इधर, मध्यप्रदेश में शहरी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने संजीवनी क्लीनिकों में 164 नए संविदा चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की है। इन नियुक्तियों का उद्देश्य शहरी क्षेत्रों में संचालित संजीवनी क्लीनिकों में डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ाना और आम नागरिकों को उनके घरों के नजदीक प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से सामान्य बीमारियों के उपचार और चिकित्सकीय परामर्श के लिए लोगों को दूर स्थित अस्पतालों तक जाने की जरूरत कम हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग को उम्मीद है कि नई नियुक्तियों से स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में सुधार होगा।





