MP Government Websites Down: साइबर अटैक के खतरे से मध्यप्रदेश की 30 से ज्यादा सरकारी वेबसाइट बंद, जेल और राजस्व समेत कई विभागों का काम प्रभावित

भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों की वेबसाइटों पर साइबर हमले का खतरा मंडरा रहा है। सुरक्षा संबंधी खामियां सामने आने के बाद राज्य के 30 से अधिक सरकारी पोर्टल और वेबसाइटों को एहतियातन बंद कर दिया गया है। पिछले करीब एक सप्ताह से कई महत्वपूर्ण विभागों की वेबसाइटें बंद होने के कारण ऑनलाइन सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। इनमें जेल, राजस्व, ऊर्जा, उद्योग और सहकारिता जैसे विभाग शामिल हैं। साइबर सुरक्षा एजेंसी एमपीसर्ट (MPCERT) की एडवाइजरी के बाद यह कदम उठाया गया है। तकनीकी टीमें वेबसाइटों की सुरक्षा खामियां दूर करने और सिस्टम अपग्रेड करने में जुटी हैं।
पुराने सॉफ्टवेयर के कारण साइबर हमले का खतरा
मध्यप्रदेश की साइबर सुरक्षा एजेंसी एमपीसर्ट ने सरकारी विभागों की वेबसाइटों में सुरक्षा संबंधी कमजोरियों को लेकर एडवाइजरी जारी की है। एडवाइजरी के अनुसार, कई विभागों की वेबसाइटों में पुराने PHP वर्जन और सॉफ्टवेयर फ्रेमवर्क का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुराने सॉफ्टवेयर में मौजूद सुरक्षा खामियों का फायदा उठाकर साइबर अपराधी वेबसाइटों को निशाना बना सकते हैं। इसी आशंका को देखते हुए संबंधित विभागों की वेबसाइटों को अस्थायी रूप से बंद करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में किसी वेबसाइट के वास्तव में हैक होने या सरकारी डेटा चोरी होने की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल कार्रवाई साइबर हमले की आशंका को देखते हुए एहतियात के तौर पर की गई है।
30 से ज्यादा सरकारी वेबसाइटें एक सप्ताह से बंद
साइबर सुरक्षा संबंधी एडवाइजरी के बाद मध्यप्रदेश के 30 से अधिक सरकारी पोर्टल और वेबसाइटें बंद होने की जानकारी सामने आई है। इनमें प्रमुख रूप से जेल विभाग, राजस्व विभाग, ऊर्जा विभाग, उद्योग विभाग, सहकारिता विभाग और गवर्नमेंट प्रेस की वेबसाइटें शामिल हैं। इसके अलावा अन्य विभागों के ऑनलाइन पोर्टल भी प्रभावित हुए हैं। वेबसाइटें बंद होने से विभागीय अधिकारियों और आम नागरिकों को ऑनलाइन सेवाओं का लाभ लेने में परेशानी हो रही है।
जेल और राजस्व समेत कई विभागों का काम प्रभावित
सरकारी वेबसाइटें बंद होने का असर विभागीय कामकाज पर भी पड़ रहा है। जिन सेवाओं और प्रक्रियाओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल किया जाता है, उनमें व्यवधान की स्थिति बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, संबंधित विभागों में प्रभावित कार्यों को फिलहाल ऑफलाइन माध्यम से निपटाया जा रहा है। वेबसाइटों की सेवाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण आम नागरिकों और हितग्राहियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सॉफ्टवेयर और सर्वर अपग्रेड करने में जुटीं तकनीकी टीमें
एमपीसर्ट की एडवाइजरी के बाद संबंधित विभागों के तकनीकी विशेषज्ञ वेबसाइटों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में जुटे हुए हैं। इसके तहत पुराने सॉफ्टवेयर और फ्रेमवर्क को अपडेट करने के साथ सर्वर और डेटाबेस की सुरक्षा संबंधी जांच की जा रही है। तकनीकी टीमों का प्रयास है कि वेबसाइटों में मौजूद कमजोरियों को दूर करने के बाद ही उन्हें दोबारा शुरू किया जाए, ताकि भविष्य में साइबर हमले के जोखिम को कम किया जा सके।
अगले चार से पांच दिन और बंद रह सकती हैं वेबसाइटें
जानकारी के अनुसार, प्रभावित वेबसाइटों को पूरी तरह सुरक्षित बनाने और आवश्यक तकनीकी सुधार करने में अभी चार से पांच दिन का अतिरिक्त समय लग सकता है। ऐसे में संबंधित सरकारी पोर्टल की ऑनलाइन सेवाएं बहाल होने में कुछ और दिन लगने की संभावना है। हालांकि, सभी वेबसाइटों को दोबारा शुरू करने की कोई निश्चित आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है। सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही सेवाएं बहाल की जाएंगी।
सरकारी वेबसाइटों की सुरक्षा पर बढ़ी चिंता
मध्यप्रदेश के कई महत्वपूर्ण विभागों की वेबसाइटों में पुराने सॉफ्टवेयर के इस्तेमाल से जुड़ी सुरक्षा खामियां सामने आने के बाद सरकारी डिजिटल सेवाओं की सुरक्षा का मुद्दा सामने आया है। एमपीसर्ट की एडवाइजरी के आधार पर विभागों को तकनीकी सुधार करने पड़ रहे हैं। इससे ऑनलाइन सेवाओं पर निर्भर नागरिकों और विभागीय कामकाज पर असर पड़ा है। फिलहाल तकनीकी टीमें प्रभावित वेबसाइटों को सुरक्षित तरीके से दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रही हैं। जब तक पोर्टल बहाल नहीं होते, तब तक संबंधित विभागों में प्रभावित कार्य ऑफलाइन माध्यम से किए जा रहे हैं।





