MP High Court Justice Avnindra Kumar Singh Retirement: 36 साल की सेवा के बाद विदाई, देहदान और PM CARES Fund में 1.01 करोड़ दान का संकल्प

जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह 36 साल की न्यायिक सेवा के बाद 17 सितंबर 2026 को सेवानिवृत्त हो गए। उनके सम्मान में हाईकोर्ट में दोपहर करीब 3:30 बजे फुल कोर्ट फेयरवेल कार्यक्रम आयोजित किया गया। विदाई समारोह के दौरान जस्टिस सिंह ने अपने भविष्य के लिए ऐसे संकल्पों की घोषणा की, जिन्हें सुनकर समारोह में मौजूद लोग भावुक हो गए।
उन्होंने अपनी और अपनी पत्नी की ओर से देहदान का संकल्प लेने के साथ-साथ अपने GPF की ₹1.01 करोड़ की राशि प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान करने की घोषणा की।
'अपने लिए जिए तो क्या जिए'
फेयरवेल स्पीच के दौरान जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने कहा कि वह जीवन की कमाई और निधन के बाद अपने शरीर को समाज के लिए समर्पित करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि “अपने लिए जिए तो क्या जिए।”
जस्टिस सिंह ने बताया कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने दो दिन पहले ही जबलपुर मेडिकल कॉलेज में देहदान के लिए पंजीयन कराया है। उनका कहना था कि जिस शरीर ने जीवनभर न्यायिक दायित्व निभाया, वह मृत्यु के बाद भी किसी भावी चिकित्सक के अध्ययन और ज्ञान का माध्यम बन सके।
उनके इस संकल्प की जानकारी समारोह में सामने आने के बाद मौजूद न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं और अन्य लोगों ने भावुक होकर उनका सम्मान किया।
GPF से ₹1.01 करोड़ PM CARES Fund में देने की घोषणा
देहदान के संकल्प के साथ जस्टिस सिंह ने अपनी जीवनभर की कमाई से जुड़ा महत्वपूर्ण फैसला भी सुनाया। उन्होंने अपने GPF की ₹1 करोड़ 1 लाख की राशि प्रधानमंत्री केयर्स फंड में दान करने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि न्यायिक सेवा के दौरान अर्जित धन का उपयोग जरूरतमंदों और समाज के हित में होना चाहिए। रिटायरमेंट के दिन आयोजित फेयरवेल कार्यक्रम में उनकी इस घोषणा ने समारोह का ध्यान अपनी ओर खींचा। यह राशि उनके GPF से दान करने की घोषणा है; वास्तविक हस्तांतरण और उसकी प्रक्रिया संबंधित नियमों के अनुसार होगी।
1990 में सिविल जज के रूप में शुरू हुआ सफर
जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह ने वर्ष 1990 में सिविल जज के रूप में न्यायिक सेवा की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने न्यायिक सेवा के विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियां निभाईं और अलग-अलग स्तरों पर न्यायिक दायित्वों का निर्वहन किया।
मई 2023 में उन्होंने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के न्यायाधीश के रूप में शपथ ली। इसके बाद करीब तीन साल तक उन्होंने हाईकोर्ट में न्यायाधीश के रूप में सेवाएं दीं।
17 सितंबर 2026 को उनकी न्यायिक सेवा पूरी हुई और वे सेवानिवृत्त हो गए।
रिटायरमेंट के बाद हाईकोर्ट में 38 जज
जस्टिस अवनींद्र कुमार सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या 38 रह गई है।
उनका विदाई समारोह केवल न्यायिक सेवा के समापन का अवसर नहीं रहा, बल्कि देहदान और अपनी जीवनभर की कमाई में से ₹1.01 करोड़ समाज के लिए देने की घोषणा के कारण भी यादगार बन गया।





